बदनावर: पुलिस ने फरियादी महिला के आवेदन की जांच कर धोखाधड़ी करने का मामला पाया जाने पर आरोपी पति-पत्नी के खिलाफ धारा 420 भादवि के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर मामले में तफ्तीश शुरू की है। फरियादी श्रद्धा पांडे पति विश्वास पांडे निवासी तिरला धार ने निशा पति भानु प्रताप राघव निवासी बापू नगर सेंथी चित्तौड़गढ़ तथा उसके पति भानु प्रताप सिंह राघव के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी पुलिस के कार्यालय में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसकी जांच करने के उपरांत पुलिस ने दोनों पति-पत्नी के खिलाफ यह प्रकरण दर्ज किया। आवेदन से पाया गया कि बीपीएसआर प्रोजेक्ट के प्रोप्राइटर द्वारा व्यापार के दौरान आवेदक यश इंटरप्राइजेज की प्रोप्राइटर श्रद्धा पांडे के साथ धोखाधड़ी कर आर्थिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से अपने बंद बैंक खाते चित्तौड़गढ़ का चेक दिया। इस पर दोनों के खिलाफ प्रथम दृष्टिया धोखाधड़ी का अपराध पाया जाने पर अपराध पंजीबद्ध किया गया। पांडे ने पुलिस को बताया कि विपक्षीगण के साथ मैंने रोड निर्माण करने का कार्य अनुबंध अनुसार किया था। विपक्षीगण ने बड़नगर बदनावर एवं बदनावर उज्जैन फोरलेन प्रोजेक्ट के कार्य के लिए मेरे से पांच डंपर प्रति डंपर 2 लाख रुपए प्रति माह एवं एक पोकलेन मशीन 2 लाख 80 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से किराए पर लिए थे। दो माह तक प्रोजेक्ट पर काम किया। फिर दिनांक 26 मई 2023 को विपक्षीगण ने बिना पूर्व कोई सूचना दिए कार्य बंद करवा दिया और हमें यह कहा कि अब हमें आपसे कार्य नहीं करवाना है। जिस पर मैंने कहा कि मेरे वाहनों का किराया 25 लाख 60 हजार रुपए है। जिसका भुगतान कर दें। जिस पर उन्होंने कुछ राशि आरटीजीएस के माध्यम से व एक चेक 5 लाख 40 हजार व दूसरा चेक 5 लाख रुपए का दिया और बाकी रुपया आरटीजीएस के माध्यम से अदा करने का बताया था। मैंने उक्त दोनों चेक आहरण हेतु अपनी बैंक मध्य प्रदेश ग्रामीण बैंक शाखा धार में भुगतान हेतु लगाए। जिसमें दोनों चेक का अपर्याप्त निधि के कारण भुगतान नहीं हुआ और बाकी रुपए का भी भुगतान नहीं किया। उनसे कई बार संपर्क की कोशिश की किंतु वह मिलने से टालते रहे। इससे प्रतीत होता है कि विपक्षीगण मुझे रुपए का भुगतान नहीं करना चाहते हैं और जिस खाते का चेक दिया है उसमें रुपए नहीं है। इस प्रकार जानबूझकर मुझे रुपया नहीं देना पड़े इस कारण मुझे ऐसे बैंक खाते के चेक दिए जिससे मुझे रुपए प्राप्त नहीं हो सके। इस प्रकार में मेरे रुपए हड़पना चाहते थे और उन्होंने मेरे साथ ठगी की है तथा षड्यंत्र करके धोखाधड़ी की है और चेक भ्रमित करने के लिए दिए ताकि मुझे रुपया नहीं प्राप्त हो सके। पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर तफ्तीश शुरू की है।