कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों और सपा की अंदरूनी आशंकाओं को खारिज करने के लिए उपचुनाव के मैदान से हटने का फैसला किया। इंडिया गठबंधन के दिल्ली के सूत्र बताते हैं कि हरियाणा चुनाव में अखिलेश यादव ने मैदान में न उतरने की राहुल गांधी की बात मानी। एवज में राहुल गांधी ने भी यूपी के रण में न उतरकर सपा के लिए रास्ता साफ कर दिया। लोकसभा चुनाव में सपा जहां 37 सीटों के साथ यूपी की सबसे बड़ी पार्टी बनी, वहीं कांग्रेस भी एक से बढ़कर छह सीट पर पहुंच गई।इसके बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अपने लिखित वक्तव्य में सपा अध्यक्ष को आगाह करते हुए कहा कि कांग्रेस से दोस्ती उनके लिए भविष्य में घातक साबित होगी। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने यहां तक कहा कि राज्यों में दोस्ती करके क्षेत्रीय दलों को समाप्त करने का काम कांग्रेस करती है।
सूत्र बताते हैं कि भाजपा की ओर से कांग्रेस को सपा के लिए घातक बताने वाले जो तीर चलाए गए, उसे निर्मूल साबित करने के लिए राहुल गांधी ने उपचुनाव में यूपी के मैदान से हटने का निर्णय लिया। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यहां विधानसभा से ज्यादा लोकसभा को ध्यान में रखते हुए अपने कदम आगे बढ़ा रहा है। ताकि, केंद्र में भाजपा सरकार हटाने के लिए उसे सपा का मजबूती से साथ मिल सके।