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महाकाल का आधुनिक लड्डू प्रसाद यूनिट 20 करोड़ में बनेगा: 50 हजार स्क्वायर फीट में होगा निर्माण,…

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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर समिति अब लड्डू निर्माण इकाई के लिए मंदिर समिति के नए अन्नक्षेत्र के समीप नया भवन तैयार कर रही है। प्रसाद निर्माण इकाई के लिए यूडीए के माध्यम से कार्य भी शुरू हो गया है। यहां पर करीब 50 हजार स्क्वायर फीट में पूरा निर्माण होगा। आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएगी। निर्माण कार्य करीब 15 महीने में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकाल महालोक बनने के बाद से ही दर्शनार्थी बड़ी संख्या में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। वही खास त्यौहारों के दौरान भी दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ जाती है। दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भगवान महाकाल का बेसन से बना लड्डू प्रसाद पसंद कर रहे है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा अभी चिंतामण जवासीया मार्ग पर स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई में लड्डू प्रसाद तैयार करवाने के बाद मंदिर तक पहुंचाते है। जहां से कई बार प्रसाद को लोडिंग करने में समय अधिक लगता है। इसके लिए मंदिर समिति ने हाल ही में नए बने निशुल्क अन्नक्षेत्र के समीप ही लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई के लिए नया भवन यूडीए के माध्यम से बनवा रही है।

50 हजार स्क्वायर फीट का होगा-यूडीए के इंजीनियर शैलेंद्र कुमार जैन ने बताया कि लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई का नया निर्माण करीब 20 करोड रुपए की लागत से किया जा रहा है। करीब डेढ़ माह पहले ही वर्क आर्डर होने के बाद सिविल कार्य शुरू हो गया है, जिसके अंतर्गत करीब 12 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल प्रत्येक 15 हजार स्क्वायर फीट के रहेंगे। पूरे भवन का कुल क्षेत्रफल 50 हजार स्क्वायर फीट का होगा। निर्माण पूरा करने के लिए 15 माह का समय निर्धारित किया गया है। उम्मीद है कि जुलाई-अगस्त 2025 तक लड्डू प्रसाद निर्माण इकाई के नए भवन का कार्य पूर्ण हो जाएगा।

लड्डू प्रसाद यूनिट में लगेगी आधुनिक मशीन : लड्डू प्रसाद निर्माण यूनिट के नए भवन में अत्याधुनिक मशीन भी यूडीए के माध्यम से ही लगाई जाएगी। 20 करोड रुपए की लागत में आधुनिक मशीन लगाने का कार्य भी शामिल है। मशीनें लगने से लड्डू बनाने के कार्य में तेजी होगी। हालांकि आधुनिक मशीन लगाने के लिए मंदिर समिति द्वारा दानदाताओं को भी ढूंढा जा रहा है, यदि कोई दानदाता मिल गया तो उसके माध्यम से मशीन लगाई जाएगी और दानदाता तैयार नही हुआ तो मशीनों के लिए राशि का प्रावधान बजट में भी कर लिया गया है।

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