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NEEMUCH NEWS: देवउठनी ग्‍यारस से पहले कलेक्टर का एक्शन: दिए यह निर्देश,…

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नीमच: देवउठनी ग्यारस 2024 एवं अन्य विवाह मुहूर्ताे के अवसर पर विवाह सम्पन्न होते है जिसमें बाल विवाह होने की प्रबल संभावना होती है। अतः इन अवसरों पर विशेष रूप से विवाह पर निगरानी रखते हुए पूरे वर्ष अभियान अंतर्गत बाल विवाह रोकथाम की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्‍टर हिमांशु चन्‍द्रा ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए है,कि 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं एवं 21 वर्ष से कम उम्र के बालक की जानकारी एकत्रित कर सूची तैयार करें। अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में परियोजना अधिकारी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा पुलिस निरीक्षक की टीम  द्वारा निगरानी रखी जाये कि उक्त बालक-बालिका का विवाह तो नहीं हो रहा है। ग्राम स्तर तथा विकासखण्ड स्तर पर बाल विवाह रोकथाम हेतु टीम गठित की जायें। आँगनवाड़ी केन्द्र पर बाल विवाह की सूचना प्राप्त करने सूचना तत्र तैयार करें, जिसमें शिक्षक ए.एन.एम.,आशा कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह की सदस्य, शौर्यादल की सदस्य, आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिका, मातृ सहयोगिनी समिति, सरपंच, पंच ग्राम पंचायत सचिव आदि हो सकते है।
जिला एवं खण्ड स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 पर कार्यशाला का आयोजन किया जायें। विवाह में सेवा देने वाले सेवा प्रदाताओं जैसे प्रिन्टिंग प्रेस, हलवाई, केटर्स, धर्मगुरु, बैन्डवाला ट्रान्सपोर्ट एवं समाज के मुखिया जनप्रतिनिधियों एवं अशासकीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों को कार्यशाला के माध्यम से संवेदीकरण कर बाल विवाह में अपनी सेवायें न देने की अपील की जायें। विवाह स्थल पर वर-वधु के उम्र संबंधी दस्तावेजों का प्रतिपरीक्षण बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार कराया जायें। सामूहिक विवाह करने वाले आयोजकों से शपथ पत्र प्राप्त करे, कि वे अपने आयोजनों में बाल विवाह संपन्न नही कर रहे है और न ही करेगें। इसी तरह प्रिन्टिंग प्रेस हलवाई, केटर्स, धर्मगुरु बैण्डवाला, ट्रान्सपोर्ट एवं समाज के मुखिया से अनुरोध किया जाये कि वर-वधु की उम्र संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त कर परीक्षण के उपरांत ही विवाह में सेवायें प्रदाय करें।
कलेक्‍टर ने निर्देश है, कि बाल विवाह रोकथाम हेतु गठित दल द्वारा बाल विवाह पर निगरानी रखें। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर बाल विवाह होने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत कार्यवाही करें। अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले सभी धार्मिक गुरुओं एवं इनके विवाह सम्पन्न कराने मे आने वाले सेवा प्रदायकर्ता जैसे टेन्ट वाला, बैण्ड वाला, घोडी, केटरिंग, आदि इनके एसोसिएशन को बाल विवाह रोकथाम में सहयोग करने हेतु सूचित किया जावे।

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