बदनावर: गुरु पूर्णिमा पर कई जगह गुरु पूजन के कार्यक्रम हुए। नगर के अखंड परमधाम आश्रम में गंगोत्री धाम हिमालय से आए परिव्राजकाचार्य स्वामी अच्युतानंद महाराज व आश्रम के स्वामी विशुद्धानंद महाराज का गुरुभक्तों ने पूजन किया। पूर्व मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव भी शामिल हुए। कार्यक्रम में आपने कहा कि गुरु की महिमा का वर्णन करना तो सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। गुरु का ज्ञान व शिक्षा ही जीवन का आधार है। गुरु के बिना जीवन की कल्पना भी अधूरी है। सनातन अवधारणा के अनुसार संसार में मनुष्य को जन्म भले ही माता-पिता देते हैं लेकिन मनुष्य का सही अर्थ गुरु कृपा से ही प्राप्त होता है। गुरु जगत व्यवहार के साथ साथ भव तारक, पथ प्रदर्शक भी होते हैं। आश्रम से मैं भी जुड़ा हुआ हूं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हमने यहां बड़ा भवन बनाया है। जो भी जरूरत होगी उसे हम पूरा करेंगे। संत अच्युतानंद महाराज व विशुद्धानंद महाराज ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व ज्ञान और स्नेह का स्वरूप है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के समय आती है। इस दिन से चार महीने तक परिव्राजक साधु-संत एक ही स्थान पर रहकर ज्ञान, वैराग्य, भक्ति की गंगा बहाते हैं। जीवन में एक गुरु जरूर होना चाहिए। जो अच्छी शिक्षा व सही रास्ता दिखा सके। इस मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। संत व गुरुभक्तों की मांग पर दत्तीगांव ने टीन शेड बनाने की घोषणा कर मौके पर ही संतों के आतिथ्य में भूमिपूजन करवाया। यहां पूर्व में सत्संग हॉल बनकर तैयार हो चुका है। अब शेड बनने से काफी सुविधा होगी