जबलपुर। कहते हैं कि कुछ बड़ा करने के लिए ज्यादा पैसे नहीं बल्कि बड़ी सोच का होना जरूरी है। अगर इरादे बुलंद हैं तो आप सीमित संसाधनों में भी कारनामा कर के दिखा सकते हैं। ये बात सुनी तो आपने कई बार होगी लेकिन इसे हकीकत कर दिखाया है रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के एक छात्र ने जिसने सूर्य की किरणों से चलने वाली इलेक्ट्रिक साइकिल बनाई है जिसे चलाने के लिए आपको चार्ज ही नहीं करना पड़ेगा बल्कि धूप के संपर्क में आने से ये साइकिल खुद ही चार्ज हो जाती है और फिर आप इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के डीआईसी इनोवेशन सेंटर में अध्ययनरत् पनागर निवासी अभिषेक मोहन सूर्यवंशी ने अपने हुनर का कमाल दिखाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी हैरानी में डाल दिया। क्षेत्र में इस साइकिल की खूब चर्चा हो रही है। अभिषेक अभी रादुविवि में अध्ययनरत् हैं। अभिषेक ने बताया जी उनके विभाग ने उन्हें प्रोजेक्ट दिया गया था जिसमें कुछ इन्नोवेटिव क्रिएशन करना था, जिन्हे सोलर चार्जिंग इलेक्ट्रिक साइकिल में तब्दील करने का ख्याल आया। जिसमें उनके सेंटर के डायरेक्टर सरदूल सिंह संधू और डॉ अतीत जावरे ने भरपूर मदद की। जिसके बाद अभिषेक ने साइकिल बनाने के लिए उपयोग में आने वाले उपकरणों की जानकारी लेकर बाजार से उन सामानों को खरीदा। इसे तैयार करने में करीब 4 हजार की लागत आयी। जिसमें सोलर पैनल, बैटरी, गियर समेत अन्य चीजें शामिल है। सोलर से चार्ज होकर बैटरी मोटर को करंट देती है और मोटर से बाइक के पहिये घूमते है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिया प्रोत्साहन
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदर्शनी में अभिषेक द्वारा निर्मित सोलर पैनल साइकिल को भी रखा गया जिसे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बहुत पसंद किया और अभिषेक को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
सूर्य की रोशनी में दिन भर करें सैर
साइकिल में एक सोलर पैनल, मोटर एवं स्विच कंट्रोलर की मदद से साइकिल को बनाया है। इसके अलावा कबाड़ से कुछ सामान लाकर साइकिल को एसेंबल किया है। जिसमे उनके सहपाठी शिवम त्रिपाठी, प्रज्ञा मिश्रा ओजस पांडे ने सहयोग किया। कुछ समय की कड़ी मेहनत के बाद साइकिल बनकर तैयार हो गई। ये साइकिल दो व्यक्तियों का भार लेकर भी करीब 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। अभिषेक ने बताया यह इनोवेशन उनके लिए काफी मायने रखता है और जब उसकी बनाई इस साइकिल की लोग तारीफ करते हैं तो उन्हें काफी खुशी मिलती है।

