दमोह: जिला अस्पताल में चार जुलाई को जिन गर्भवती महिलाओं के सीजर ऑपरेशन हुए, उन सभी को यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत बताई गई। पहले हुई जांचों में इस तरह की कोई गड़बड़ी नहीं थी। दो महिलाओं ने प्रसव के कुछ घंटे बाद ही दम तोड़ दिया और दो महिलाओं को जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उनकी मौत हो गई। इन सभी महिलाओं ने शिशुओं को जन्म दिया था, और अब सभी नवजात बच्चों के सिर से उनकी मां का साया उठ गया है। परिवार के लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृत महिलाओं के परिजनों और समाज के अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने एक सप्ताह में मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
प्रशासन ने क्या कहा :कलेक्टर सुधीर कोचर ने बताया कि मामला काफी गंभीर है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की जांच की जा रही है। यदि कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी माना कि जिन महिलाओं की मौत हुई है उनकी स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट सामान्य थी, इसलिए मामला और भी गंभीर हो जाता है।
सिविल सर्जन डॉक्टर राजेश नामदेव का कहना है कि चार जुलाई को एक साथ 15 इमरजेंसी केस थे, जिनका अलग-अलग डॉक्टर ने सीजर से प्रसव कराया था। उनमें से चार महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई, जिसमें से दो की उसी दिन कुछ घंटे बाद मौत हो गई थी और दो महिलाओं को किडनी इन्फेक्शन था, इसलिए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हुई है। अभी तक की जांचों में कोई लापरवाही सामने नहीं आई है, लेकिन एक और जांच चल रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।