नीमच। (प्रेम राठौर AP NEWS EXPRESS)
लंबे अरसे से रेलवे स्टेशन के बघाना फाटक पर लंबित लंबित ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर शुरू हुई प्राथमिक प्रकिया ने स्टेशन रोड के रहवासियों में ओवर ब्रिज के निर्माण होने के पश्चात उनकी रोजी-रोटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि पूर्व में जो नक्शा पास किया गया था उसे बदलकर अब जो नए नक्शे के अनुरूप निर्माण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है वह नि संदेह स्टेशन रोड के व्यवसायी व रहवासियों के हित में नहीं है जिसे लेकर रहवासी व व्यवसाई अपनी रोजी-रोटी छीन जाने के डर से आहत है। इसी संदर्भ में अपनी बात रखने के लिए रहवासी ज्ञापन आदि देकर का सहारा ले रहे हैं।
इस संबंध में एक बैठक भी आयोजित कर ओवर ब्रिज निर्माण के बाद आने वाली परेशानी को लेकर विचार विमर्श किया गया। बैठक के दौरान रह वासियों का कहना था कि वे इस ओवर ब्रिज निर्माण के विरोध में नहीं है बल्कि वे चाहते हैं कि ओवर ब्रिज बने परंतु इसका निर्माण पहले बनाए गए नक्शे अनुसार ही हो क्योंकि यदि ये ब्रिज स्टेशन रोड की ओर बनता है तो इसका नुकसान स्टेशन रोड वासियों से ज्यादा बघाना वासियों को होने के साथ ही 10 गांवों की हजारों जनता को भी होगा। जिसकी वजह ओवर ब्रिज ओर अंडर ब्रिज दोनो एक ही जगह से शुरु होकर एक ही जगह खत्म होंगे । अंडर ब्रिज की लंबाई लगभग 100 मीटर और ओवर ब्रिज की 1 किलोमीटर होने के कारण ओवर ब्रिज की उपयोगिता केवल भारी वाहनों के लिए ही रह जाएगी यही नहीं इससे मंडी गेट पर भी पहले जैसी जाम की समस्या ज्यादा बढ़ जाएगी।
जिसकी वजह से बघाना एवं ग्रामीण क्षेत्र की जनता व स्कूली बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा । ऐसे में ओवर ब्रिज की उपयोगिता कोई औचित्य नहीं रहेगा । जबकि अगर यह राज पैलेस की और उतरता है तो दोनो तरफ़ जाने के लिए रास्ता मिलेगा जिससे ट्रैफिक डिवाइड हो जाएगा। इसी तरह कोई यात्री अगर रेल यात्रा के लिए ग्रामीण क्षेत्र से या बघाना से आता है तो उसे पहले मंडी गेट के यहां उतरना होगा फिर उसे आधा किलोमीटर पैदल चलकर स्टेशन की तरफ जाना होगा। जबकि यदि राज पैलेस होटल के यहां ओवर ब्रिज उतरता है तो 20 कदम पर स्टेशन है। इसी तरह सुबह बघाना क्षेत्र के बहुत सारे रहवासी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाते है उन्हें भी घूम कर जाना पड़ेगा। नीमच के प्रमुख धार्मिक स्थल किलेश्वर महादेव मंदिर और कालका माता मंदिर जहां रोज हजारों बुजुर्ग महिला एवं बच्चे दर्शन के लिए जाते है उन्हें भी घूम कर लंबे रास्ते से असुविधाओं से होकर जाना होगा। जबकि राज पैलेस की ओर उतरता है तो बहुत आसानी होगी। इसी प्रकार उप नगर बघाना व ग्रामीण क्षेत्र के लोगों जिनका व्यापार एवं व्यवसाय मंडी से जुड़ा हुआ है उन्हें भी नवीन चंगेरा मंडी जाने हेतु कालका मंदिर के पास वाले रास्ते जो लेवड़ा से होकर चंगेरा नवीन मंडी पर जाने हेतु सुविधा देगा।
इन तमाम तथ्यों को लेकर रहवासियों ने बैठक आयोजित कर पुनः प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने हेतु विचार विमर्श किया।

