TCS नासिक केस पर मंत्री का बयान, बढ़ा राजनीतिक विवाद
महाराष्ट्र। नासिक से सामने आया यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि सियासी और सामाजिक बहस का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. TCS के बीपीओ से जुड़े 6 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जहां पुलिस जांच में जुटी है, वहीं राज्य सरकार के मंत्री नितेश राणे ने इसे गंभीर सामाजिक खतरे के रूप में पेश करते हुए कई तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
नासिक पुलिस ने TCS के बीपीओ सर्विस से जुड़े 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने कंपनी में काम करने वाली जूनियर महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण किया. कुछ महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि उनके साथ लगातार उत्पीड़न होता रहा. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया. फिलहाल जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि आरोप कितने व्यापक हैं।
धार्मिक गतिविधियों के आरोप भी जुड़े
इस मामले में कुछ ऐसे दावे भी सामने आए हैं, जिन्होंने विवाद को और बढ़ा दिया है. आरोप है कि दफ्तर के अंदर धार्मिक गतिविधियां कराई जा रही थीं और कुछ कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो पाएगी।
नितेश राणे का बड़ा बयान
मंत्री नितेश राणे ने इस पूरे मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “कॉर्पोरेट जिहाद” करार दिया है. उन्होंने कहा कि समाज को इस पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है. राणे ने दावा किया कि करीब 15 पीड़ित लड़कियों ने शिकायत दी है और अन्य पीड़िताओं से भी आगे आने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर कहीं भी इस तरह का माहौल बनाया जा रहा है, तो लोग सामने आएं, सरकार उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगी. साथ ही उन्होंने कंपनी के एचआर विभाग पर भी सवाल उठाए और पूछा कि अगर इतनी गंभीर गतिविधियां चल रही थीं, तो एचआर ने क्या कदम उठाए।
कोर्ट में भीड़ पर उठाए सवाल
राणे ने यह भी कहा कि जब आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, तब 600 से ज्यादा लोग इकट्ठा हुए थे. उन्होंने कहा कि उन सभी लोगों का बैकग्राउंड भी चेक किया जाना चाहिए. उन्होंने बयान दिया कि यहां आतंकियों के अंतिम संस्कार के समय भीड़ इकट्ठा होती है. राणे ने आगे कहा कि जब अशोक खरात का मामला सामने आया तब किसी हिन्दू ने इसका समर्थन नही किया, लेकिन ऐसे मामलों में इतनी भीड़ क्यों जुट जाती है।
सियासत तेज, जांच जारी
इस मामले के सामने आने के बाद महाराष्ट्र में सियासत तेज हो गई है. एक तरफ मंत्री के बयान से बहस छिड़ गई है, तो दूसरी तरफ पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है. राणे ने कहा कि इन विषय पर अब कोई बोल क्यों नही रह है, मैं जब भी ऐसा मुद्दा उठाता हूँ तो लोग कहते हैं की मैं दो समाज के बीच द्वेष निर्माण कर रहा हूँ. फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे यह साफ हो सके कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई होगी।

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