नई दिल्ली ।
Budget 2026-27 Latest News in Hindi: केंद्र सरकार की तरफ से बजट 2026 में रक्षा क्षेत्र के लिए कई अहम घोषणाएं की गई है। सरकार ने सैन्य आधुनिकीकरण के लिए भी भारी-भरकम राशि आवंटित की है। बता दें कि रक्षा मंत्रालय के पास राफेल लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और मानवरहित हवाई वाहनों जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित हैं।
Union Budget 2026 India: Defence Sector- Good News for Indian Army, Armed forces, military modernization
साल 2026 के रक्षा बजट में कुल आठ फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा मंत्रालय के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 78 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। वहीं रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 21 लाख करोड़ रुपये मिलेंगे। अपने बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी। वहीं रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।
सरकार का लक्ष्य भारत की रक्षा शक्ति और तकनीक को और अधिक सुदृढ़ करना है। यह कदम देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम सेना तैयार करने के लिए उठाया गया है। अर्थव्यवस्था में रक्षा क्षेत्र को मजबूती देने का भी यह प्रयास है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘रक्षा क्षेत्र की यूनिट्स द्वारा मेंटेनेंस, रिपेयर या ओवरऑल जरूरतों के लिए इस्तेमाल होने वाले एयरक्राफ्ट के पार्ट्स बनाने के लिए इंपोर्ट किए जाने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट देने का प्रस्ताव है।’
बता दें कि रक्षा मंत्रालय (सिविल) का बजट मामूली घटकर ₹28,554.61 करोड़ हो गया है, जिसमें 0.45% की कमी दर्ज की गई। इसके विपरीत, रक्षा सेवाओं (राजस्व) का बजट बढ़कर ₹3,65,478.98 करोड़ हो गया है, जो 17.24% की वृद्धि दर्शाता है। रक्षा पूंजीगत व्यय में सबसे अधिक 21.84% की बढ़ोतरी हुई है, जो ₹2,19,306.47 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, रक्षा पेंशन का आवंटन 6.53% बढ़कर ₹1,71,338.22 करोड़ हो गया है। कुल मिलाकर, बजट में रक्षा क्षमता और आधुनिकीकरण पर खास जोर दिखता है।

