

नीमच। (सुरेश सन्नाटा)
समाजसेवी अरुल और अशोक अरोड़ा की पहचान एक ऐसी शख्सियत के रूप में अनवरत परवान चढ़ रही है जो धर्म आध्यात्मिक समाज शिक्षा स्वास्थ्य हो या अन्य कोई प्रकल्प उसमें अपना तन मन धन से योगदान समर्पित कर ऐसे पायदान चढ़ रही है जो निसंदेह अनुकरणीय है। क्योंकि धनाढ्य होना कोई नई बात नहीं है परंतु अपनी कमाई का हिस्सा समाज सेवा के प्रकल्पों में समर्पित करना हर किसी के बस का नहीं होता। ऐसे में जिस तरह हुए मुक्त हस्त से वे अपना योगदान समर्पित कर रहे है उसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसा ही एक प्रकल्प उन्होंने खिलाड़ियों को समर्पित करते हुए नीमच की लाल माटी पर आयोजित किया जिसमें नीमच के साथ ही देश भर से भाग लेने वाले खिलाड़ियों की राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय पहचान बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
हम बात कर रहे है स्वर्गीय श्री कश्मीरी लाल जी अरोरा की स्मृति में नीमच की लाल माटी पर स्वर्णिम इबारत लिखकर खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। नीमच की धरती पर पहली बार आयोजक अरुल अशोक अरोरा की बदौलत देश की इस अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता के आयोजन में देशभर से आए सैकड़ों बच्चों से लेकर बुजुर्गों और उनके अभिभावकों की उपस्थिति ने इस आयोजन की बेला को गरिमामय बनाकर सबको गदगद कर दिया।
स्वर्गीय श्री कश्मीरी लाल जी अरोरा की स्मृति में आयोजित किए गए इस टूर्नामेंट का खेल प्रेमियों को बहुत समय से इंतजार था। गुरुवार 10:00 बजे प्रतियोगिता का शुभारंभ तालियों की गड़गड़ाहट से हुआ। इस अवसर पर नीमच के गणमान्य जन जिला पंचायत अध्यक्ष सज्जन सिंह चौहान भईजी, भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती, वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सेठी, वरिष्ठ संपादक आरवी गोयल, पत्रकार राकेश सोन, पत्रकार दीपक खताबिया, कृषि मंडी के पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह गुर्जर व समाजसेवी अशोक अरोरा की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ हुआ। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद स्वर्गीय कश्मीरी लाल जी अरोरा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर सज्जन सिंह चौहान ने कहा कि अरोरा परिवार का यह योगदान भुलाया नहीं जा सकता है उन्होंने नीमच के बच्चों के लिए जो अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने के दरवाजे खोले हैं उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।
आर वी गोयल ने कहा कि अरोरा परिवार का शुरू से दान और धर्म से नाता रहा है लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का आयोजन एक अच्छी शुरुआत है एक अच्छी पहल है और इसका स्कूली बच्चों और दूसरे शतरंज खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी की जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष तरुण बाहेती, सुरेंद्र सेठी, दीपक खताबिया, राकेश सोन और उमराव सिंह गुर्जर ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किये।
प्रारंभ में सरस्वती पूजन के पश्चात डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय रत्न गर्ग व उनकी पूरी टीम व ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र सोनी ने भी अतिथियों का माल्यार्पण कर पुष्प हारों से आत्मीय स्वागत किया। मंच पर उपस्थित समाजसेवी अशोक अरोरा ने भी अतिथियों का पुष्पहार से स्वागत कर कार्यक्रम में आने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। चूंकि बैडमिंटन की राज्य स्तरीय सीनियर प्रतियोगिता का भी इसी के साथ संयुक्त उद्घाटन किया गया था इसलिए अतिथियों ने बैडमिंटन की उत्तरोत्तर प्रगति के लिए भी शुभकामनाएं व्यक्त की। जिला बैडमिंटन संगठन के सचिव दीपक श्रीवास्तव विशेष रूप से इस अवसर पर उपस्थित रहे।
आकर्षक बने मोहरे
मंच पर विशेष रूप से बुलाए गए दो-दो फीट के बड़े-बड़े मोहरे रखे गए थे, जिनको देखकर हर किसी का मन प्रसन्न हो गया। अतिथियों व अशोक अरोरा ने मंच पर उपस्थित बच्चों के साथ इस बोर्ड पर खेल कर इस प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। विशेष बात यह रही कि इस अवसर पर सबसे कम उम्र के बालक साहिब सिंह गोत्र, नितेश ठाकुर ने भी चाल चली वहीं इसी प्रतियोगिता में सबसे बुजुर्ग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी 85 वर्षीय आर के गुप्ता ने भी इस टूर्नामेंट में शिरकत कर नए व युवा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उल्लेखनीय है कि समाजसेवी अशोक अरोरा का बच्चों के प्रति विशेष लगाव है, यही वजह रही कि बच्चों के खाने-पीने व उनकी पसंद की चीजों के हर राउंड के बाद बच्चों को तरह-तरह की व्यंजन परोसे गए। जिससे बच्चे बहुत प्रसन्न दिखे।
लायन डेन में जहां बच्चों का विशेष ध्यान रखा गया, वहीं युवा खिलाड़ियों के लिए और पेरेंट्स के लिए भी खासी व्यवस्था की गई थी। खिला़ड़ियों का कहना था कि ऐसा टूर्नामेंट उन्होंने अपनी जिंदगी में पहली बार देखा है, जहां इतनी सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। शायद नीमच की धरती पर यह पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय आयोजन था जिसमें करीब पूरा शहर ही टूट पड़ा। सभी ने एक स्वर में मैनेजमेंट और यहां की व्यवस्थाओं को लेकर तारीफ की। कुल मिलाकर यह एक ऐतिहासिक आयोजन साबित हुआ।
फीडे के नियमों से हुआ प्रतियोगिता का आयोजन
अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ फीडे के नियमों के अनुसार चल रहे इस इंटरनेशनल टूर्नामेंट में शहर के लोगों व शतरंज के खिलाड़ियों ने पहली बार जाना कि फीडे के नियम कितने सख्त होते हैं। जहां फीडे के इस टूर्नामेंट में के ऑर्बिटर यशपाल अरोरा व उनकी टीम ने पूरे टूर्नामेंट की कमान अपने हाथों में सम्हाल रखी थी। एक-एक बारीक बारीक चीज पर उनकी नजर बनी हुई थी। उन्होंने पूरी तरह फीडे के नियमों का पालन करते हुए इस टूर्नामेंट का संचालन किया और जो दर्शक दीर्घा में लोग बैठे थे उसे पर भी उन्होंने कड़े नियमों का प्रतिबंध लगाया। साथ ही उन्हें बताया कि यह संस्था किन नियमों के तहत यह काम करती है इससे खिलाड़ियों को व उनके अभिभावकों को भी अंतरराष्ट्रीय शतरंज के नियम सीखने को मिले।
नीमच जिला बैडमिंटन संघ अध्यक्ष अरुल अशोक अरोरा, सचिव दीपक श्रीवास्तव हैं। शतरंज प्रतियोगिता ऑर्गेनाइजेशन कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र सोनी व सचिव भूपेंद्र गौड़ बाबा हैं ।

