नागौर : राजस्थान में भात भरने की परंपरा काफी पुरानी है लेकिन नागौर जिले के भात पूरे देश में प्रसिद्ध है। हो भी क्यों न, मदद के लिए भरा जाने वाला मायरा इतना बड़ा होता है कि लोग हैरान रह जाते हैं। मामा द्वारा अपने भांज- भांजी की शादी में दिल खोल कर खर्चा किया जाता है। करोड़ों रुपये नकद दे दिए जाते हैं। साथ ही सोने चांदी के आभूषण, ट्रैक्टर, कृषि यंत्र और अनाज भी दे दिया जाता है। यही वजह है कि नागौर के भात की चर्चाएं आए दिन होती रहती है बीसीएमओ ने अपनी दो भांजियों की शादी में भरा भात नागौर शहर से कुछ ही दूरी पर जाखन गांव है। इस गांव के रहने वाले डॉ रतन और डॉ पूनम चौधरी, थानमल बिडियासर और संतोष ने अपनी दो बहनों शारदा और आशा के वहां बड़ा भात भरा। बहनों का ससुराल नागौर के पास ही स्थित डेह गांव में है। इन दोनों बहनों की दो बेटियों सुनीता और अनीता की शादी है। इनकी शादी में बिडियासर परिवार की ओर से एक करोड़ रुपये का भात भरा गया। इनमें 51 लाख रुपये नकद, 31 तोला सोना, 3 किलो चांदी और दो चांदी के नारियल शामिल हैं। नागौर जिले के बड़े मायरे एक नजर में इसी साल मार्च में यानी करीब एक महीने पहले नागौर जिले के मेड़ता सिटी के पास एक भात ने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले थे। इसमें बेदावड़ी निवासी रामलाल और तुलछाराम फरड़ोदा ने भाइयों द्वारा अपनी बहन के 13.71 करोड़ रुपये का मायरा भरा गया। इसमें 1.31 लाख रुपए नकद, पांच करोड़ रुपए की कीमत के 6 प्लॉट, 80 बीघा जमीन (कीमत पांच करोड़ रुपए), एक किलो से ज्यादा सोने के आभूषण, 5 किलो चांदी, एक एसयूवी गाड़ी और एक ट्रैक्टर दिए गए। फरवरी 2025 में एक और बड़ा भात भरा गया। जिले के साडोकन गांव निवासी हरनिवास खोजा, रामदयाल खोजा और हरचंद खोजा की ओर से अपनी बहन बीरज्या देवी पत्नी मदनलाल फरड़ोदा के वहां 3 करोड़ रुपए का भात भरा। भांजा सचिन और भांजी रेखा की शादी में खोजा परिवार की ओर से 1.51 करोड़ रुपये नकद, 35 तोला सोने के आभूषण, 5 किलो चांदी के आभूषण और 25-25 लाख रुपये के दो प्लॉट सहित कीमती कपड़े और अन्य सामान दिया गया।