कोविंद समिति की रिपोर्ट के बाद एक देश, एक चुनाव की ओर आगे बढ़ने पर मंथन, समिति के समक्ष जिन 47 दलों ने रखे विचार उनमें 32 ने किया इसका समर्थन, केंद्र सरकार का दावा, एक साथ चुनाव कराने के मामले में वे अपने रुख पर कायम, मोदी सरकार ने 2014 में किया था एक देश, एक चुनाव कानून लागू करने का वादा, भाजपा कर रही है अन्य राजनीतिक दलों का भी समर्थन जुटाने की उम्मीद, हालांकि कई विपक्षी दल और विपक्षी शासन वाले राज्यों के CM कर रहे इसका विरोध, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व वाली उच्चस्तरीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा- “बार-बार होने वाले चुनाव अनिश्चितता का माहौल बनाते, नीतिगत निर्णयों को प्रभावित करते, देश में एक साथ चुनाव कराने से नीति निर्माण में निश्चितता बढ़ेगी, एक देश, एक चुनाव मतदाताओं के लिए आसानी और सुविधा सुनिश्चित करता है, मतदाताओं को थकान से बचाता और अधिक मतदान की सुविधा प्रदान करता है”