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नई दिल्ली। AP NEWS EXPRESS 
Aam Budget India 2026-27, FM Nirmala Sitharaman केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार अपना नौवां बजट पेश किया है। लोकसभा में उनका बजट भाषण कुल 85 मिनट रहा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल से लेकर आयकर टैक्स के लिए कई एलान किए हैं।  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का संबोधन खत्म हो गया। इसके साथ ही लोकसभा की कार्यवाही आज के लिए स्थगित हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय वर्ष 2014–15 में ₹2 लाख करोड़ से बढ़कर 2025–26 में ₹11.2 लाख करोड़ के आवंटन तक पहुंच गया है। वर्ष 2026–27 में इस गति को बनाए रखने के लिए मैं इसे बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखती हूं। अवसंरचना विकास और निर्माण चरण के दौरान जोखिमों को लेकर निजी डेवलपर्स का विश्वास मजबूत करने के लिए, मैं एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड स्थापित करने का प्रस्ताव रखती हूं, जो ऋणदाताओं को आंशिक क्रेडिट गारंटी प्रदान करेगा। वहीं 2026-27 में ऋण-से-जीडीपी औसत, जीडीपी का 55.6% रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 56.1% था। जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहेगा राजकोषीय घाटा, बजट 2026-27 का अनुमान। यह वित्त वर्ष 2025-26 में 4.4% था 2026-27 में 36.5 लाख करोड़ गैर-ऋण प्राप्तियों का बजट में अनुमान है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि किसानों-पशुपालकों और ग्रामीणों के लिए बजट में क्या-क्या योजनाएं हैं।
छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा लाने पर जोर। तमाम मौकों के जरिए दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर फोकस। 
मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों का एकीकृत विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन मजबूत की जाएंगी।
स्टार्टअप और महिलाओं की अगुवाई वाले समूह बाजार से जुड़ेंगे।
पशुपालन क्षेत्र के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू होंगे। 
पुशधन उद्यमों का संवर्धन और आधुनिकीकरण होगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
तटीय इलाकों में नारियल, चंदन, काजू जैसी फसलों को सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। 
भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम लाए जाएंगे। इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाने का काम किया जाएगा। 
भारतीय चंदन लकड़ी की गरिमा को पुनर्स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग किया जाएगा। 
अखरोट, बादाम की पैदावार बढ़ाने के लिए भी विशेष कार्यक्रम शुरू होगा। 
एआई टूल- भारत-VISTAAR कार्यक्रम की शुरुआत होगी। यह बहुभाषी एआई टूल किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी। 
 खेल क्षेत्र के लिए फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान खेल क्षेत्र के लिए कई एलान किए हैं। उन्होंने बताया कि अगले दशक में खेलों में बदलाव के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू होगा। इसके साथ ही खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के अलावा खेल तकनीक को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। वित्त मंत्री ने बताया कि इसके अलावा प्रशिक्षण और खेल इन्फ्रा को विकसित करने पर जोर रहेगा।
  युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर  एलान
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने बताया कि युवाओं की क्षमता बढ़ाने पर क्या-क्या एलान किए गए हैं। इसके तहत युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर जोर बढ़ाया जाएगा। शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर बनेगी उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति। 2047 तक 10 फीसदी की वैश्विक हिस्सेदारी के साथ सेवा क्षेत्र में देश को अग्रणी बनाया जाएगा। यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर जोर देगी। उन्होंने बताया कि विकसित भारत के लिए कुशल पेशेवरों को तैयार करने के लिए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
बैंकिंग सेक्टर 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बैंकिंग सेक्टर के लिए कई एलान किए। उन्होंने कहा- बैंकिंग क्षेत्र में सुधार-आधारित विकास जारी रहेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च-स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं इसमें विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव भी हैं। उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा होगी। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड क्षेत्र में निधियों और डेरिवेटिव्स के लिए अवसरों पर जोर दिया जाएगा और कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का प्रस्ताव है। वित्त मंत्री ने कहा- बड़े शहरों में ज्यादा मूल्य के म्यूनिसिपल बॉन्ड के बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। वहीं 1000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव भी बजट में रखा गया है। इसके साथ ही छोटे-मध्यम कस्बों के लिए 200 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड वाली अमृत योजना जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पीआरओआई के लिए व्यापार की सुगमता बढ़ाई जाएगी और व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए निवेश सीमा पांच से बढ़ाकर 10 फीसदी की जाएगी। व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 24 फीसदी होगी।
 ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए शी- मार्ट्स
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण के दौरान बताया कि ग्रामीण महिलाओं की अगुआई वाले उद्यमों के लिए स्व-सहायता उद्यम यानी शी-मार्ट्स की शुरुआत होगी। 
अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के लिए क्या योजनाएं बनाई गई हैं। उन्होंने कहा- पिछले दशक में सरकार ने इन्फ्रा निवेश पर काफी ध्यान दिया। वहीं पांच लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इन्फ्रा और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर जारी रहेगा। इसके लिए-
2026-27 में पूंजीगत खर्च को 12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव।
स्थापित होगी आंशिक लोन गारंटी के लिए इन्फ्रा जोखिम गारंटी निधि 
समर्पित आरईआईटी से रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रिसाइक्लिंग में तेजी का प्रस्ताव। 
कार्गो के पर्यावरण अनुकूल आवागमन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रस्ताव लाए जाएंगे। 
पूर्व में डानकूनी से पश्चिम में सूरत तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेगा। 
बजट में पर्यटन और खेल 
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बताया कि बजट में पर्यटन, वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग और खेल के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं। इसके तहत-
पर्यटन: नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी की स्थापना होगी। 20 प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स के कौशल बढ़ाने की योजना शुरू होगी। नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित होगी।
वर्ल्ड ट्रैकिंग एंड हाइकिंग: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर, अराक्कू घाटी में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। ओडिशा, कर्नाटक, केरल में टर्टल ट्रेल्स बनेंगे।
धोलावीरा जैसे 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा।
खेल: खेलो इंडिया मिशन की स्थापना होगी। अगले 10 वर्ष में इसके तहत काम किया जाएगा। इसके तहत प्रशिक्षण केंद्र बनाएंगे। व्यवस्थित तरीके से कोच और सपोर्ट स्टाफ को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रतियोगिताएं और लीग होंगी। खेल ढांचे को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए विकसित किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए  घोषणाएं की है इसमें-
शिक्षा से रोजगार और उद्यम पर फोकस किया जाएगा। विकसित भारत का कोर ड्राइवर सेवा क्षेत्र रहेगा। इसके लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी, जो AI समेत प्रौद्योगिकियों से पड़ने वाले असर का आकलन करेगी।
दक्षता आधारित रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य पेशेवर बनाने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलॉजी, एनेस्थीशिया जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। अगले पांच वर्ष में एक लाख AHP जोड़े जाएंगे। 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। 
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इसमें निजी क्षेत्र की सहभागिता रहेगी। हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स बनेंगे। इनमें आयुष केंद्र होंगे। डायग्नोस्टिक, पोस्टर केयर और रीहैब के केंद्र रहेंगे। इससे स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दुनियाभर में सम्मान हासिल कर चुकी प्राचीन योग पद्धति और आयुर्वेद पर जोर दिया जाएगा। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे।
ऑरेंज इकोनॉमी: गेमिंग, कॉमिक जैसे सेक्टर में 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत है। AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। पूर्वी भारत में नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना होगी।
शिक्षा: पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप की बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक गलियारों के पास स्थापना होगी। हर जिले में एक महिला छात्रावास बनेगा।

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