मौसम ने ली करवट, आंधी-बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट
चंडीगढ़। पंजाब में आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश के चलते मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव आया है, जिससे राज्य का अधिकतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। इस गिरावट के बाद अब प्रदेश का पारा सामान्य से 6.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को भीषण तपन से बड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शनिवार और रविवार के लिए राज्य में 'यलो अलर्ट' जारी किया गया है, जिसके तहत 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 15 जून से अगले चार दिनों तक पंजाब के 13 प्रमुख जिलों—पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर और पटियाला में हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है, जिससे आने वाले दिनों में भी तापमान में गिरावट का यह दौर जारी रहेगा।
विभिन्न शहरों में पारे का स्तर और बारिश के आंकड़े
इस मौसमी बदलाव के बीच फरीदकोट में पंजाब का सबसे अधिक 36.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि राज्य के न्यूनतम पारे में भी 5 डिग्री की कमी आने से यह सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे दर्ज हुआ। सबसे कम 19.8 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान एसबीएस नगर में रहा। बारिश की बात करें तो शुक्रवार सुबह तक एसबीएस नगर में 37.2 एमएम, अमृतसर में 33.9 एमएम, लुधियाना में 9.6 एमएम, पटियाला में 10.2 एमएम, मोहाली में 21.0 एमएम, गुरदासपुर में 32.2 एमएम और बठिंडा में 24.0 एमएम पानी बरसा। तापमान के लिहाज से अमृतसर और लुधियाना का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री, पटियाला का 32.7 डिग्री, पठानकोट का 33.7 डिग्री और बठिंडा का 32.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और पूर्वी हवाओं के आपस में टकराने के कारण ही मौसम का यह रूप देखने को मिल रहा है।
अंधड़ से बिजली बुनियादी ढांचे को करोड़ों की चपत
झुलसाने वाली तपन के बीच वीरवार को अचानक आए 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस भयंकर चक्रवाती तूफान और बारिश ने राज्य के बिजली वितरण तंत्र को तहस-नहस कर दिया है। सरकारी बिजली कंपनी पावरकाम को इस प्राकृतिक आपदा के कारण लगभग 2.06 करोड़ रुपये के वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ा है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, तेज आंधी के कारण राज्य भर में 129 बिजली ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गए या क्षतिग्रस्त हो गए, 850 से अधिक बिजली के खंभे उखड़ गए और लगभग 8.57 किलोमीटर लंबी बिजली की मुख्य तारें टूटकर जमीन पर आ गिरीं। इस तबाही के चलते पंजाब के ग्रामीण और शहरी दोनों ही अंचलों में कई घंटों तक बिजली गुल रही।
लाख से अधिक शिकायतें और युद्ध स्तर पर बहाली कार्य
बिजली संकट गहराने के कारण पावरकाम के कंट्रोल रूम और ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने वालों की बाढ़ आ गई, जिसके तहत रिकॉर्ड 1 लाख 9 हजार शिकायतें दर्ज की गईं। मौजूदा धान के सीजन में एक ही दिन के भीतर आई शिकायतों का यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इस अभूतपूर्व आपातकाल को देखते हुए बिजली विभाग के तकनीकी और फील्ड स्टाफ ने भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच ही युद्ध स्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने रात के समय ही प्रभावित इलाकों का दौरा कर टूटे खंभों और तारों को दुरुस्त किया, जिसके चलते कुछ ही घंटों के भीतर ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को बहाल कर जनता को राहत पहुंचाई गई।

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