नीमच। प्रदेश में गिद्धों की संख्या और उनकी स्थिति का आंकलन करने के लिए किए गए सर्वेक्षण में नीमच जिले में  3 दिवसीय  शीतकालीन गिद्ध गणना  20, 21, और 22 फरवरी , 2026 को  आयोजित की गई। जिसमें 507 गिद्ध की संख्या पाई गई। वन मंडलाधिकारी नीमच  एस के अटोदे के मार्गदर्शन और एस डी ओ फॉरेस्ट  दशरथ अखंड के नेतृत्व में  वन विभाग द्वारा गिद्धों की गणना की गई। पहली बार गणना ऐप के माध्यम से दर्ज की गई। उपवन मंडल अधिकारी श्री दशरथ अखंड ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि मृत पशुओं का मांस खाने वाले प्राकृतिक सफाईकर्मी  गिद्धों की संख्या पशुपालकों द्वारा दर्द निवारक दवा डिक्लोफेनेक के उपयोग के कारण विलुप्ति की कगार पर आ गई थी।  वन विभाग के लगातार संरक्षण प्रयासों से   प्रति वर्ष इनकी संख्या में वृद्धि  दर्ज की गई है।    नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद और रतनगढ़ वन रेंज  तथा जिले की राजस्व भाग में की गई इस गणना में   507  . गिद्ध पाए गए। इसमें मध्य प्रदेश में पाए जाने वाली कुल 7 प्रजातियों में से 3 प्रजाति सफेद इजिप्टियन गिद्ध, सफेद पीठ वाले व्हाइट रैम्पड वल्चर, और इंडियन लॉन्ग बिल्ड वल्चर प्रजातियों को जमीन व पेड़ पर या घोंसलों में बैठे  वयस्क, अवयस्क गिद्धों की प्रजातिवार संख्या, उनके आवास,पेड़ो आर विश्राम करते हुए, घोंसलों में शिशुओं के साथ , भोजन करते हुए,  नदी नाले के पास पानी में देखे गए गिद्धों की गणना  ऐप में दर्ज की गई। गणना के दौरान सख्ती से इस बात का पालन किया गया कि केवल पेड़ों/चट्टानों पर बैठे गिद्धों को गिना जाए. उड़ते हुए गिद्धों को गिनती में शामिल नहीं किया जाता. सूर्योदय से 9 बजे तक चले इस गणना कार्य में वन परिक्षेत्र रतनगढ़ , जावद के रेंजर  विपुल , रामपुरा के रेंजर  भानुप्रताप सिंह सोलंकी , सभी डिप्टी रेंजर्स व अन्य स्टाफ  सहित जिले के  वॉलिंटियर्स  सेवानिवृत्त सहायक प्राध्यापक, प्राणिशास्त्र डॉ साधना सेवक के साथ नीमच के विशेषज्ञ  एवं छात्र निकिता यादव, अनमोल यादव, इंदरजीत सिंह , प्रिंस शर्मा, हर्षल चौहान,अंजली शर्मा, भाग्यश्री पंवार  मल्हारगढ़ के अक्षय यति , नीमच के इन्फ्लूएंसर विवेक शर्मा, साथ ही रामपुरा के प्राध्यापक डॉ लखन सिंह यादव, डॉ सुषमा सोलंकी  , छात्र प्रहलाद भील, विकास मेघवाल, अभिषेक भट्ट ने  सक्रिय सहभागिता की। वन विभाग के इस कार्य में  वॉलिंटियर्स की सक्रिय सहभागिता  से जनमानस में  इस पक्षी के  संरक्षण के प्रति  जानकारी , जिज्ञासा और जागरुकता बढ़ी है।