परिवार के इस प्यार भरे कदम की हर ओर सराहना
नागौर। जिले के एक छोटे से गांव श्यामसर ने पूरे राजस्थान को चौंका दिया है। यहां भाई-बहन के रिश्ते ने वो मिसाल कायम की है, जिसकी चर्चा आज मारवाड़ की हर गली में हो रही है। चार सगे भाइयों ने अपनी बहन के लिए जो किया, वो सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि दिल की गहराइयों से उठी भावनाओं का वो सैलाब था, जिसने परंपरा को नई ऊंचाई दे दी।
चर्चाओं में डेढ़ करोड़ का मायरा
श्यामसर निवासी सुरजाराम सियाग की सुपुत्री रामी देवी के घर शादी की खुशियां थीं। इस शुभ अवसर पर मायरे की रस्म के दौरान उनके चारों भाइयों- गंगाराम, शिवलाल, खीयाराम और श्रवणराम ने मिलकर बहन पर जो प्यार लुटाया, वो देखने वालों की आंखें नम कर गया।
चारों भाई का निश्चल प्रेम झलका
गांव के बुजुर्गों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इतना भव्य मायरा इससे पहले कभी नहीं देखा गया। लेकिन इस आयोजन की सबसे बड़ी खूबसूरती यह नहीं कि इसमें करोड़ों रुपये खर्च हुए बल्कि यह है कि इसमें चारों भाइयों का वो निश्छल प्रेम झलका, जो आज के दौर में दुर्लभ होता जा रहा है। जब मायरे की रस्म हुई, तो वहां मौजूद हर आंख भर आई। भाइयों का यह कदम केवल आर्थिक संपन्नता का प्रतीक नहीं, बल्कि यह संदेश था कि बहन की खुशी से बढ़कर कोई निवेश नहीं।
पूरे राजस्थान में चर्चा
श्यामसर के इस मायरे की खबर जंगल की आग की तरह फैली। आस-पास के गांवों के लोग इस आयोजन को अपनी आंखों से देखने पहुंचे। सोशल मीडिया पर भी यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, जहां लोग इसे "राजस्थानी संस्कृति का सुनहरा पन्ना" बता रहे हैं।
आज भी जिंदा है परंपरा
राजस्थान में मायरा केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह भाई की ओर से बहन को दिया गया वो सम्मान है, जो जिंदगीभर याद रहता है। श्यामसर के इन चारों भाइयों ने यह साबित कर दिया कि आधुनिकता की आंधी में भी परंपराओं की जड़ें मजबूत हैं, जरूरत है तो बस उन्हें सींचने की इच्छाशक्ति की।

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने