बानसूर में मजदूर की हत्या मामले में तेज कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार
अलवर: बानसूर के ब्लाइंड मर्डर केस का मात्र 24 घंटों में पर्दाफाश, चोरी का विरोध करने पर पांच युवकों ने की थी मजदूर की हत्या
राजस्थान के बानसूर क्षेत्र में निर्माणाधीन सरकारी अस्पताल की इमारत में हुई एक मजदूर की नृशंस हत्या की गुत्थी को पुलिस ने रिकॉर्ड समय में सुलझा लिया है। एसी डक्टिंग का कार्य करने वाले फलोदी निवासी मजदूर रामसिंह की हत्या के आरोप में पुलिस ने पांच शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए चार घातक चाकू भी बरामद किए गए हैं। यह पूरी घटना उस समय उजागर हुई जब मृतक के साथी ने उसे सुबह खून से लथपथ हालत में सीढ़ियों के पास पड़ा पाया। पुलिस की त्वरित जांच में सामने आया कि पास के ही बिजली उपकरण स्टोर में चोरी की नीयत से घुसे इन बदमाशों ने टोकने पर रामसिंह पर जानलेवा हमला कर दिया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बेशकीमती उपकरणों की चोरी और हत्या के बाद फरार हुए थे आरोपी
वारदात के समय स्टोर का गेट टूटा हुआ मिला और वहां रखे कई कीमती सामान गायब थे, जिससे पुलिस को पहले ही अंदेशा हो गया था कि यह मामला लूटपाट से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष टीमों ने सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण और साइबर सेल की तकनीकी मदद से संदिग्धों का पीछा करना शुरू किया। हत्या के बाद आरोपी गुरुग्राम और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर भाग निकले थे, लेकिन पुलिस की एजीटीएफ और जिला स्पेशल टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए निजामुद्दीन और सराय काले खां जैसे इलाकों में दबिश देकर आरोपियों को दबोच लिया। यह कार्रवाई पुलिस के बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है।
मामूली रकम के लालच में दिया गया जघन्य वारदात को अंजाम
गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की उम्र महज 19 से 21 वर्ष के बीच है और वे उत्तर प्रदेश तथा दिल्ली के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी फैजान ने अपने साथियों बिलाल, हिमांशु, सोहेल और सायमान के साथ मिलकर चंद रुपयों और सामान के लालच में इस खौफनाक साजिश को रचा था। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य केवल चोरी करना था, लेकिन जब रामसिंह ने उन्हें देख लिया और पकड़ने की कोशिश की, तो उन्होंने पकड़े जाने के डर से उस पर ताबड़तोड़ चाकुओं से वार कर दिए। युवाओं में बढ़ती इस हिंसक प्रवृत्ति और छोटी सी रकम के लिए किसी की जान लेने की मानसिकता ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है।
तकनीकी विश्लेषण और पुलिस की बहुस्तरीय टीमों ने हासिल की बड़ी सफलता
बानसूर पुलिस के लिए यह मामला एक 'ब्लाइंड मर्डर' के रूप में बड़ी चुनौती था क्योंकि मौके पर कोई चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं था। पुलिस ने आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति और पारंपरिक खुफिया जानकारी के मिश्रण से इस केस की कड़ियां जोड़ीं। कोटपूतली साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और रूट मैप तैयार किया गया, जिससे आरोपियों के छिपने के ठिकानों का सटीक पता लग सका। इस सफल ऑपरेशन के बाद पुलिस अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे पूर्व में भी किसी अन्य चोरी या लूट की वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं। अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने पर विचार किया जा रहा है।

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