मोतिहारी: बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पिछले छह वर्षों से कानून की नजरों से बचकर भाग रहे शातिर और कुख्यात अपराधी गुड्डु कुमार को एसटीएफ की विशेष टीम ने धर दबोचा है। आरोपी साल 2020 में अंजाम दिए गए एक बड़े लूटपाट और गोलीबारी के मामले के बाद से लगातार अंडरग्राउंड चल रहा था, जिसकी तलाश में पुलिस लंबे समय से खाक छान रही थी।

पूर्वी चंपारण में छापेमारी कर दबोचा गया आरोपी

गुप्त सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने जाल बिछाया और 24 जून को पूर्वी चंपारण जिले के डुमरियाघाट थाना क्षेत्र में एक विशेष सर्च ऑपरेशन चलाया। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने घेराबंदी करके गुड्डु कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हुस्सेपुर पंचरुखिया गांव के निवासी प्रमोद राय का बेटा है।

साल 2020 के सनसनीखेज कांड का मुख्य आरोपी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दिसंबर 2020 में साहेबगंज थाना क्षेत्र के चिकनौटा इलाके में एक वारदात हुई थी। यहाँ पूर्वी चंपारण के रहने वाले अखिलेश कुमार को कुछ बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया था। आरोपियों ने अखिलेश पर चाकू से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया और उनसे ₹9,000 व जरूरी कागजात लूट लिए थे। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग भी की थी। इस वारदात के बाद से ही गुड्डु कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।

लूट, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत 8 केस दर्ज

एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गुड्डु कुमार कोई मामूली अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग थानों में संगीन धाराओं के तहत कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन मामलों में रंगदारी, लूटपाट, धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। उसकी आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए काफी समय से उसकी गिरफ्तारी की कोशिशें की जा रही थीं।

नेटवर्क खंगालने और सहयोगियों की धरपकड़ में जुटी पुलिस

सफलतापूर्वक गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी से सघन पूछताछ की है। सभी जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे स्थानीय थाना पुलिस को सौंप दिया गया है। पुलिस प्रशासन अब गुड्डु कुमार के पूरे क्रिमिनल सिंडिकेट (अपराधिक नेटवर्क) को खंगालने में जुटा है। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि फरार रहने के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी थी, और उसके गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।