ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर उठे सवाल
गरियाबंद| में स्वास्थ्य व्यवस्था के बदहाली की तस्वीर सामने आई है. जहां पहाड़ों से पीड़ित मरीज को 17 किमी दूरी तय कर खाट में लादकर लाया गया, एम्बुलेंस तो पंचायत मुख्यालय तक भी नहीं पहुंचा. इसके बाद निजी वाहन से मैनपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया. यहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया जहां उपचार जारी है. 15 घंटे बाद भी मामले से बीएमओ बेखबर है|
पहाड़ों से मरीज को खाट में लादकर पहुंचाया अस्पताल
गरियाबंद के मैनपुर में एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की लचर व्यवस्था की पोल खोल दिया है. यहां रहने वाले कमार जनजाति के मरीज को एक बार फिर इमरजेंसी स्वास्थ्य सुविधा से वंचित होना पड़ा. अब पीड़ित को खाट में लाद कर नीचे लाने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है|
एंबुलेंस भी नहीं मिली, निजी वाहन से ले गए अस्पताल
मिली जानकारी के मुताबिक, 60 वर्षीय मनू राम कमार सुबह बेसुध होकर गिर पड़ा, जिसे 10 बजे खाट में लादकर इलाज के लिए परिजन पहाड़ों से नीचे उतारना शुरू किया. डेढ़ घंटे बाद कुल्हाडीघाट मुख्यालय पहुंचे यहां से एंबुलेंस सेवा की मांग की पर वो भी नहीं मिला. फिर निजी वाहन से मैनपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे गरियाबंद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. मामले को लेकर मैनपुर बीएमओ गजेन्द्र ध्रुव से जानकारी चाही गई. पर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि मैं कल नहीं था, मुझे कुछ भी जानकारी नहीं है|
वहीं जिला अस्पताल में उपचार कर रहे चिकित्सक हरीश चौहान ने बताया कि पीड़ित को बुधवार को लगभग डेढ़ बजे दोपहर भर्ती किया गया. स्ट्रोक आया हुआ है. दाहिना साइड लकवा मार गया है, उचित उपचार किया जा रहा है|

राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न की एक गोली बनी मौत की वजह, कोर्ट ने BJP विधायक को सुनाई सजा
गुजरात से पीएम मोदी का संदेश, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की तेज प्रगति का दावा
शिक्षिका की मौत मामले में नया मोड़, सुसाइड नोट के बाद वकील पर कार्रवाई
बिहार में त्वरित न्याय के लिए सरकार का बड़ा फैसला, सम्राट चौधरी ने किया ऐलान
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमला, 6 माह के जुड़वा शिशुओं की मौत
बटाला में बदमाशों का आतंक, घर के बाहर फायरिंग कर हुए फरार
राम मंदिर कथित चंदा चोरी मामला: जांच में सामने आए सनसनीखेज दावे, चार्टर्ड प्लेन से ट्रेन तक जुड़ा नेटवर्क
20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, 13 अगस्त तक कई अहम विधेयकों पर होगी चर्चा
क्या कानून बचा सकता है एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर के आरोपी पति को? सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम फैसला