महाराष्ट्र से दिल्ली तक सियासी बवाल, संजय राउत के बयान पर विवाद
नई दिल्ली। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक विवादित टिप्पणी के बाद देश का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब उद्धव गुट के कुछ सांसदों के पाला बदलने की चर्चाएं चल रही हैं।
संजय राउत का विवादित बयान
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संजय राउत ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना औरंगजेब से करते हुए उन्हें एक क्रूर नेता बताया। राउत ने कहा:
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देश की राजनीति में पहले कभी ऐसा 'क्रूर' नेता सामने नहीं आया।
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देश ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और बालासाहेब ठाकरे जैसे महान नेता देखे हैं, लेकिन मौजूदा नेतृत्व को देखकर डर लगता है।
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नरेंद्र मोदी उसी मिट्टी से आते हैं जहां मुगल शासक औरंगजेब का जन्म हुआ था (औरंगजेब का जन्म गुजरात के दाहोद में हुआ था)।
भाजपा का तीखा पलटवार
संजय राउत के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पलटवार करते हुए कहा:
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विपक्ष प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत में इस कदर अंधा हो चुका है कि वह देश की जनता और संवैधानिक पदों का अपमान कर रहा है।
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संजय राउत ने न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि पूरे गुजरात राज्य का अपमान किया है।
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विपक्ष चुनावों में पीएम मोदी को हरा नहीं पा रहा है, इसलिए वह हताशा में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
विपक्ष पर गाली-गलौज की राजनीति का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक पीएम मोदी के खिलाफ 150 से अधिक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया जा चुका है। विपक्ष के नेता एक तरफ 'मोहब्बत' की बात करते हैं और दूसरी तरफ एक पिछड़े (OBC) और गरीब परिवार से आने वाले प्रधानमंत्री के लिए सबसे खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं। देश की जनता इस अपमानजनक राजनीति का जवाब आने वाले चुनावों में देगी।

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