पिज्जा बना परेशानी की वजह, बच्चों समेत दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती
भिवंडी। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंतर्गत आने वाले भिवंडी इलाके में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां कथित तौर पर पिज्जा खाने के बाद एक साथ 34 लोगों के बीमार होने की खबर है। इस खाद्य जनित हादसे का शिकार होने वालों में मासूम बच्चों की संख्या काफी अधिक है। प्रभावित लोगों को पेट में असहनीय दर्द, सिर चकराने और लगातार दस्त होने जैसी गंभीर शिकायतों के बाद आनन-फानन में नजदीकी चिकित्सालय ले जाया गया। राहत और संतोष की बात यह है कि चिकित्सकों ने सभी पीड़ितों को खतरे से पूरी तरह बाहर बताया है।
अस्पताल में आधी रात तक उमड़ती रही मरीजों की भीड़
स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम करीब 6 बजे से अचानक सरकारी अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पेट दर्द, उबकाई, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत लेकर मरीजों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। यह स्थिति पूरी रात और शुक्रवार की सुबह तक बनी रही, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की विशेष टीम ने तत्परता से सभी बीमार बच्चों और बड़ों का इलाज शुरू किया और उन्हें चिकित्सीय निगरानी में रख दिया।
एक ही आउटलेट से खरीदा गया था पिज्जा और फूड पॉइजनिंग की आशंका
मामले की शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि इन सभी बीमार व्यक्तियों ने बुधवार की रात को क्षेत्र की एक ही विशिष्ट खाद्य दुकान से पिज्जा खरीदकर खाया था। पिज्जा खाने के कुछ घंटों बाद ही एक-एक कर सबकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि पिज्जा बनाने में उपयोग किए गए कच्चे माल (जैसे चीज, सॉस या बेस) की गुणवत्ता खराब थी अथवा भोजन को पकाने और उसके भंडारण (स्टोरेज) में स्वच्छता के मानकों की अनदेखी की गई थी। प्रथम दृष्टया इसे गंभीर फूड पॉइजनिंग (भोजन विषाक्तता) का मामला माना जा रहा है, और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जांच के लिए उक्त दुकान से खाद्य पदार्थों के नमूने जब्त कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं।
दुकान संचालक के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज और प्रशासन की नसीहत
इस गंभीर लापरवाही को लेकर स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत और दंडात्मक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लैब से आने वाली केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट के आधार पर आरोपी संचालक के खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बीच, स्थानीय नागरिक प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे बाहर का फास्ट फूड या अन्य खाद्य सामग्रियां खरीदते समय दुकानों की साफ-सफाई और उनकी प्रामाणिकता की अच्छी तरह जांच कर लें, ताकि ऐसे स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके।

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