अस्पतालों में लापरवाही पर लगेगा अंकुश, स्वास्थ्य मंत्री ने दी सख्त चेतावनी
पटना। बिहार के सरकारी चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों के साथ होने वाली बदसलूकी और उपचार में कोताही की खबरों पर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि बीमार लोगों के अधिकारों और उनकी सहूलियत से किसी भी कीमत पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमीनी हकीकत परखने के लिए वे स्वयं किसी भी समय अस्पतालों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज विजिट) करने निकल सकते हैं। उन्होंने डॉक्टरों और समस्त पैरामेडिकल स्टाफ को हिदायत दी है कि वे अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज की तकलीफ को संवेदनशीलता से सुनें और उनके साथ सम्मानजनक आचरण करें, क्योंकि लापरवाही की शिकायत मिलने पर दोषी कर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सड़क हादसों के लिए बढ़ेंगे ट्रामा सेंटर और एंबुलेंस
राज्य में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री ने ट्रामा सेंटरों के नेटवर्क को और व्यापक बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर नए ट्रामा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिसके तहत वर्तमान में नौ विभिन्न ट्रामा सेंटर परियोजनाओं के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, दुर्घटना के शिकार लोगों को 'गोल्डन ऑवर' (मदद के शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में तुरंत इलाज मिल सके, इसके लिए राज्य के सभी टोल प्लाजा पर एंबुलेंस की तैनाती अनिवार्य की जाएगी ताकि घायलों को अविलंब नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जा सके।
पीएमसीएच में चौबीस घंटे आपातकालीन सेवा
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बुधवार को प्रदेश जेडीयू मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई शिविर के दौरान आम जनता की समस्याएं सुनते हुए ये अहम घोषणाएं कीं। इस मौके पर उनके साथ आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा भी जन शिकायतों के निस्तारण के लिए मौजूद थे। जनसुनवाई में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राजधानी के प्रतिष्ठित अस्पताल पीएमसीएच (PMCH) में श्वसन तंत्र और सांस से संबंधित गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए अब दिन-रात यानी 24 घंटे इमरजेंसी वॉर्ड सुचारू रूप से कार्य करेगा।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का लक्ष्य
प्रशासनिक अमले को निर्देशित करते हुए मंत्रियों ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय बिहार के आम नागरिकों को उनके अपने ही क्षेत्र में हर समय उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए अस्पतालों में आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और आधुनिक उपकरणों के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनसुनवाई में आए आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना न पड़े।

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