जाट महासभा ने बेनीवाल से सार्वजनिक माफी की मांग की
जयपुर। जाट महासभा ने नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के हालिया बयानों पर कड़ा रुख अपनाया है। महासभा के महासचिव एवं प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण कुमार जानू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बेनीवाल को राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित रहना चाहिए और ‘तेजाजी बनने का प्रयास’ नहीं करना चाहिए।
नेतृत्व पर टिप्पणी और नसीहत
कृष्ण कुमार जानू ने कहा कि हनुमान बेनीवाल जिस प्रकार के बयान दे रहे हैं, वे समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर बेनीवाल जाट मुख्यमंत्री की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके बयान समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं। जानू ने स्पष्ट किया कि इस तरह की बयानबाजी से अंततः नुकसान स्वयं बेनीवाल को ही होगा।
समाज और संगठन की भूमिका पर सवाल
जानू ने यह भी कहा कि समाज के अध्यक्ष राजाराम मील को चुनाव नहीं लड़ना है, ऐसे में इस प्रकार की बयानबाजी से समाज के भीतर अनावश्यक तनाव पैदा होता है। उन्होंने संकेत दिया कि समाज को एकजुट रखने के लिए जिम्मेदार नेतृत्व और संतुलित वक्तव्य आवश्यक हैं।
राजनीतिक परिप्रेक्ष्य और चिंता
कृष्ण कुमार जानू ने आगे कहा कि प्रदेश की दोनों बड़ी राजनीतिक पार्टियों में जाट राजनीति अब दूसरे पायदान पर पहुंच गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है और इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने हनुमान बेनीवाल को बयानबाजी से बचने की सलाह दी, ताकि समाज के साथ उनकी दूरी न बढ़े। जानू ने कहा कि उन्हें हनुमान बेनीवाल में अपार संभावनाएं नजर आती हैं, लेकिन यदि वे इसी प्रकार के बयान देते रहे तो समाज से उनका जुड़ाव कमजोर हो सकता है। उन्होंने दोहराया कि संतुलित और जिम्मेदार बयान ही समाज को एकजुट रख सकते हैं।

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