छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट: बढ़ती गर्मी के बीच हल्की बारिश के आसार
रायपुर में जारी छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट के अनुसार प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच लोगों को हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि एक निम्न दाब क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश में नमी भरी हवाओं का आगमन हो रहा है। इसके प्रभाव से अगले 24 घंटे बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना बन रही है।
शनिवार को प्रदेश में मौसम शुष्क रहा। सबसे अधिक तापमान सुकमा में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो दिनों में कुछ क्षेत्रों में अति हल्की से हल्की वर्षा हो सकती है। वहीं, एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे भारतीय भूमध्यरेखीय सागर के ऊपर निम्न दाब का क्षेत्र सक्रिय है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है। यह तंत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है और और अधिक प्रबल होने की संभावना है।
22 फरवरी को मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। हालांकि 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। राजधानी रायपुर में आज आसमान साफ रहने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट हल्की राहत का संकेत दे रहा है।

गुजरात में अवैध पटाखा फैक्ट्री बनी मौत का कारण, 10 लोगों की जान गई
शिक्षा मंत्री बोले- छात्रों के हित नहीं, राजनीति कर रहे हैं राहुल गांधी
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का इंतजार खत्म, 26 जुलाई से मिलेगी नई सुविधा
CJP प्रदर्शन में तोड़फोड़ और हंगामे के आरोप, दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
बृज भूषण की सफाई के बाद हनुमानगढ़ी विवाद पर नया मोड़, माफी मांगकर दी प्रतिक्रिया
सीएम देंगे जयपुर को बड़ा तोहफा, मेट्रो फेज-2 परियोजना की रखेंगे आधारशिला
आपात स्थिति में अब नहीं होगी देरी, एमपी में नया कानून विधानसभा से पारित
धरना, मुलाकात और सियासी घमासान: 48 घंटे में कैसे बदला CJP आंदोलन?
इंदौर के टंट्याभील चौराहे पर छात्रों का हुजूम, NEET पेपर लीक मामले में न्याय की मांग