‘ईरान संकट का असर भारत पर’, संजय राउत ने उठाए सवाल
महाराष्ट्र। शिवसेना यूबीटी से राज्यसभा के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर भारत की स्पष्ट विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मध्य पूर्व संकट को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों ने अपना रुख साफ कर दिया है, लेकिन भारत अब तक चुप है और कोई ठोस बयान सामने नहीं आया है। राउत ने कहा कि इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों में भारतीय प्रभावित हुए हैं, कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में नौकरियां चली गई हैं. इसके बावजूद भारत सरकार की तरफ से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है. उन्होंने पूछा कि जब भारतीय नागरिक संकट में हैं तो सरकार की प्राथमिकता क्या है और वह इस मुद्दे पर क्यों चुप है।
'भारत को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा'
संजय राउत ने कहा, "भारत के सामने एक अलग संकट है. भारत पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं हो रहे हैं लेकिन ईरान के आसमान पर छाये काले बादल भारत पर कहर ढा सकते हैं. दूसरे जो कुछ कर रहे हैं, उसका खामियाजा भारत को भुगतना पड़ सकता है।"शिवसेना यूबीटी सांसद ने कहा, "ईरान में बार बार हो रहे हमलों के कारण आसमान में उठने वाला काला धुआं कई जहरीली गैस लिए हुए है. इस जहरीली गैस के कारण ईरान के लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा है और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी चेतावनी दी है कि यह धुआं जानलेवा साबित हो सकता है।"संजय राउत ने कहा कि भारत के सीमावर्ती राज्यों, खास कर गुजरात, राजस्थान, पंजाब जैसे राज्यों में इसका गहरा असर पड़ सकता है. ‘‘ईरान के आसमान पर छाये गहरे काले बादल पूरी मानवता के लिए खतरा हैं।’’
ट्रंप और पाकिस्तान का जिक्र कर साधा निशाना
शिवसेना यूबीटी सांसद ने पीटीआई को दिए बयान में कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान तो अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है और डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान की भूमिका का स्वागत कर रहे हैं. लेकिन भारत को चुप रखा गया है, बोलने से मना किया गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी को सिर्फ चुनाव प्रचार पर ध्यान देने के लिए कहा जा रहा है और ट्रंप तय करेंगे कि मोदी जी केरल में चुनाव प्रचार करेंगे या पश्चिम बंगाल में, लेकिन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय संकट पर कुछ नहीं कहा जा रहा है।
बंगाल हिंसा और बीजेपी समर्थकों पर भी टिप्पणी
राउत ने पश्चिम बंगाल में हालिया हिंसा पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उनकी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह बीजेपी समर्थक वर्ग की गतिविधियां हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी इस पर बयान दे रही हैं तो उसमें सच्चाई है और स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है।

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