Tata Elxsi पर दबाव, नतीजों के बाद शेयर फिसला; आगे का रास्ता क्या?
मुंबई। टाटा समूह की प्रमुख डिजाइन और टेक्नोलॉजी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा एलेक्सी के शेयरों में आज यानी 15 जुलाई को चौतरफा बिकवाली का माहौल देखने को मिला। कंपनी के शेयर लगभग 6 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 3,473.75 रुपये के स्तर पर आ गए, जो कि इसका 52 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। दरअसल, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के वित्तीय परिणाम बाजार विश्लेषकों की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिससे निराश होकर निवेशकों ने शेयरों को बेचना शुरू कर दिया। मुनाफे में आई इस अप्रत्याशित गिरावट के कारण यह शेयर आज निफ्टी 500 इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों की सूची में शीर्ष पर पहुंच गया।
कमजोर मार्जिन ने बिगाड़ा निवेशकों का मूड
स्थिर मुद्रा यानी कॉन्स्टेंट करेंसी के मामले में कंपनी ने तिमाही आधार पर 1.3 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की है, जो बाजार के विश्लेषकों के अनुमानों के बिल्कुल करीब रही। इसके विपरीत, टाटा एलेक्सी का परिचालन मार्जिन यानी ईबीआईटी मार्जिन तिमाही दर तिमाही आधार पर 340 बेसिस प्वाइंट्स घटकर महज 21.2 प्रतिशत रह गया, जो बाजार की उम्मीदों से काफी नीचे रहा। कंपनी प्रबंधन के अनुसार, बड़ी डील्स के क्रियान्वयन की लागत, ग्राहकों से जुड़े खर्च, ऑनसाइट डिलीवरी और नए टैलेंट को जोड़ने के लिए किए गए भारी निवेश के कारण मुनाफे पर यह दबाव देखने को मिला है। आगामी सितंबर तिमाही में सालाना वेतन वृद्धि लागू होने के कारण मार्जिन पर दबाव आगे भी जारी रहने की आशंका जताई गई है।
जेपी मॉर्गन ने तटस्थ रेटिंग के साथ घटाया अनुमान
प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने टाटा एलेक्सी के शेयरों पर अपनी तटस्थ यानी 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए 3,500 रुपये का संशोधित लक्ष्य निर्धारित किया है। ब्रोकरेज ने कंपनी के तिमाही प्रदर्शन को मिला-जुला करार दिया है, जिसमें मीडिया और टेलीकॉम सेक्टर ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन ऑटोमोटिव और हेल्थकेयर सेगमेंट में मंदी का रुख बना हुआ है। यूरोपीय ऑटोमोटिव बाजार में चल रही ढांचागत चुनौतियों का असर सीधे तौर पर कंपनी के वाहन कारोबार पर पड़ा है, जो कि इसके कुल बिजनेस का एक बड़ा हिस्सा है। इन तमाम विपरीत परिस्थितियों और मार्जिन रिकवरी में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए ब्रोकरेज ने आगामी वित्तीय वर्षों के लिए अपने अर्निंग अनुमानों में एक से लेकर तेरह प्रतिशत तक की कटौती की है।
कोटक सिक्योरिटीज की बिकवाली की स्पष्ट सलाह
दूसरी ओर, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इस शेयर पर अपनी बिकवाली यानी 'सेल' रेटिंग को यथावत रखा है और इसके लिए 3,000 रुपये का बेहद निचला लक्ष्य तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के लागत खर्च में हुई बढ़ोतरी कोई अस्थाई समस्या नहीं है, बल्कि यह एक ढांचागत बदलाव है जो आने वाले समय में भी कंपनी की लाभप्रदता को प्रभावित करता रहेगा। वैश्विक स्तर पर ऑटोमेकर्स द्वारा रिसर्च और डेवलपमेंट खर्च में की जा रही कटौती तथा चीनी ऑटो कंपनियों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण टाटा एलेक्सी के ऑटोमोटिव विंग में सुधार की गति काफी धीमी रहने की आशंका है, जिसके चलते ब्रोकरेज ने अपने भविष्य के मुनाफे के अनुमान को 10 से 14 फीसदी तक घटा दिया है।

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