गोपालगंज की कृतिका पांडेय ने DRDO में हासिल किया बड़ा मुकाम, बनीं ग्रुप-ए अधिकारी
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले अंतर्गत पंचदेवरी प्रखंड के एक छोटे से गांव गहनी की होनहार बेटी कृतिका पांडेय ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कड़े संघर्ष और अटूट लगन के दम पर राष्ट्रीय पटल पर जिले का मान बढ़ाया है। कृतिका का चयन भारत सरकार के प्रतिष्ठित वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) में 'पेटेंट अफसर' के बेहद महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। इस शानदार कामयाबी के साथ ही उन्होंने ग्रुप-ए राजपत्रित अधिकारी (Class-1 Gazetted Officer) की श्रेणी में अपनी जगह पक्की कर ली है। कृतिका की इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
रेलवे के सेवानिवृत्त चीफ लोको इंस्पेक्टर की बेटी ने रचा इतिहास
कृतिका पांडेय के पिता अनिल पांडेय भारतीय रेलवे में चीफ लोको इंस्पेक्टर जैसे जिम्मेदार पद से ससम्मान सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनकी माता उषा पांडेय एक कुशल गृहिणी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली कृतिका के माता-पिता ने तमाम चुनौतियों के बावजूद शुरू से ही अपने बच्चों की उच्च शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता-पिता के इसी विजन और संस्कारों का सुखद परिणाम आज कृतिका की इस सुनहरी सफलता के रूप में पूरे समाज के सामने एक मिसाल बनकर उभरा है।
बीटेक और एमटेक के बाद डीआरडीओ (DRDO) में दे चुकी हैं सेवाएं
कृतिका ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के एक नामचीन स्कूल से पूरी की, जहां से उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने तकनीकी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (रायबरेली) से बीटेक की डिग्री ली। अपनी शैक्षणिक योग्यता को और मजबूत करने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' (IIEST), शिबपुर से एमटेक की उच्च डिग्री हासिल की। अपनी एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृतिका का चयन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), नई दिल्ली में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने देश की रक्षा तकनीक को समझने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) की तैयारी के दौरान मिली बड़ी सफलता
डीआरडीओ में फेलोशिप पूरी करने के बाद कृतिका देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 'भारतीय इंजीनियरिंग सेवा' (IES) की तैयारी में पूरी शिद्दत से जुटी हुई थीं। इसी कठिन परिश्रम के दौरान उन्होंने पेटेंट अफसर की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लिया और पहले ही गंभीर प्रयास में शीर्ष रैंक हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे गोपालगंज जिले का नाम रोशन कर दिया।
अपनी इस स्वर्णिम सफलता का श्रेय कृतिका ने अपने माता-पिता, नाना-नानी, भाइयों, मामाओं और अपने गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन व आशीर्वाद को दिया है। नई पीढ़ी के युवाओं और विशेषकर बेटियों को संदेश देते हुए कृतिका ने कहा, "अगर आपके भीतर निरंतर मेहनत करने का जज्बा, कड़ा अनुशासन और खुद पर अटूट आत्मविश्वास हो, तो दुनिया का कोई भी बड़ा लक्ष्य आपके कदमों में हो सकता है।" कृतिका की जॉइनिंग की खबर मिलते ही गहनी गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।

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