ईरान पर फिर बरसे डोनाल्ड ट्रंप, खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर दिया बड़ा बयान
वॉशिंगटन। ईरान के पूर्व शीर्ष धार्मिक और राजनैतिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की औपचारिक शुरुआत के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक ताजा बयान वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ईरान की वर्तमान स्थिति पर तीखा कटाक्ष करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अपनी दरियादिली दिखाते हुए ईरान को अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब ईरान के भीतर खामेनेई को विदाई देने के लिए देशव्यापी शोक और जनसैलाब उमड़ने की तैयारी है।
माउंट रशमोर के मंच से साधा निशाना
अमेरिकी स्वतंत्रता के ऐतिहासिक 250वें वर्षगांठ समारोह के उपलक्ष्य में साउथ डकोटा के प्रसिद्ध माउंट रशमोर स्मारक पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए सैन्य टकराव का खुलकर उल्लेख किया। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान के हौसले पूरी तरह पस्त कर दिए हैं और अब वे किसी भी तरह का समझौता करने के लिए छटपटा रहे हैं। ट्रंप ने मंच से तंज कसते हुए कहा कि चूंकि अमेरिका एक सहृदय राष्ट्र है, इसलिए उन्होंने ईरान को अंतिम संस्कार के क्रियाकर्म निपटाने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।
हमले में हुई थी मौत और युद्ध के कारण टला क्रियाकर्म
गौरतलब है कि ईरानी प्रशासन के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, इसी वर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए एक भीषण संयुक्त हवाई हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई थी। इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई की चपेट में आने से उनके परिवार के भी कई करीबी सदस्य मारे गए थे, जिनमें उनकी बेटी, दामाद, बहू और नवासी शामिल थीं। हालांकि, सामान्य तौर पर इस्लामी मान्यताओं के अनुसार किसी भी मृतक के पार्थिव शरीर को 24 घंटे के भीतर सुपुर्द-ए-खाक करने का नियम है, परंतु दोनों देशों के बीच छिड़े भीषण युद्ध और व्यापक सुरक्षा चिंताओं के कारण खामेनेई का अंतिम संस्कार तब संभव नहीं हो सका था।
सीजफायर के बाद सप्ताहभर के राष्ट्रीय शोक का आयोजन
क्षेत्र में लंबे समय तक चली सैन्य तनातनी के बाद पिछले महीने लागू हुए आधिकारिक युद्धविराम (सीजफायर) के बाद ही ईरानी सरकार ने पूर्व सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की तारीखें तय कीं। इसके तहत ईरान में सप्ताहभर लंबे चलने वाले राजकीय अंतिम संस्कार और विशेष श्रद्धांजलि सभाओं की शुरुआत हो चुकी है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में अनुयायियों और नागरिकों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि युद्धविराम के ठीक बाद आया ट्रंप का यह बयान क्षेत्र में जारी कूटनीतिक और मानसिक युद्ध को और अधिक हवा दे सकता है।

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