डकैत बेटे पर पिता का दर्दनाक बयान, 'अब हमारा उससे कोई नाता नहीं'
भरतपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद मुख्य आरोपी विष्णु उर्फ विष्णु अजान का पूरा परिवार गहरे सदमे और सामाजिक शर्मिंदगी से जूझ रहा है। डीग जिले के अजान गांव में स्थित विष्णु के घर पर इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीणों ने भी उसके नाम से पूरी तरह दूरी बना ली है। उसके इस खौफनाक कदम से आहत होकर पिता और परिजनों ने उसे हमेशा के लिए अपनी जिंदगी से बेदखल करने का फैसला कर लिया है।
शर्मिंदगी के बोझ तले दबे पिता ने तोड़े सारे रिश्ते
विष्णु के पिता रामबाबू सिंह ने अपनी गहरी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उनके बेटे ने पूरे परिवार को समाज के सामने कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा है। उन्होंने बेहद भावुक शब्दों में कहा कि अगर उनका बेटा जन्म लेते ही मर जाता तो केवल एक पिता का दुख होता, लेकिन आज उसकी हरकतों ने पूरे खानदान को बदनाम कर दिया है। पिता ने साफ कर दिया है कि जो जैसा करेगा, वह वैसी ही सजा भुगतेगा। अब परिवार उसके लिए न तो कोई कानूनी मदद या वकील करेगा और न ही उससे कभी जेल में मिलने जाएगा। विष्णु की ताई रतन देवी ने भी भारी मन से कहा कि उनके लिए विष्णु अब पूरी तरह मर चुका है।
छोटी चोरियों और गलत संगत ने बनाया बड़ा अपराधी
परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, विष्णु बचपन से ही गलत रास्ते पर चल पड़ा था। गांव के सरकारी स्कूल से केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद उसका मन किताबों से हट गया। उसने शुरुआत में गांव के पोखर पर बंधे पशुओं की लोहे की जंजीरें चुराकर कबाड़ में बेचना शुरू किया, जिससे वह अपने नशे का खर्च निकालता था। ग्रामीणों द्वारा कई बार डांट-फटकार और पिटाई के बावजूद उसकी आदतें नहीं सुधरीं। जब गांव में बदनामी बढ़ने लगी, तो वह मजदूरी का बहाना बनाकर भरतपुर शहर चला गया, जहां वह बाइक चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देने लगा और बड़े अपराधियों की संगत में आ गया।
बेहद तंगहाली में गुजर-बसर करता है परिवार
विष्णु के इस जघन्य अपराध ने एक ऐसे परिवार को हिलाकर रख दिया है जिसका कभी जुर्म की दुनिया से कोई वास्ता नहीं रहा। ग्रामीणों ने बताया कि रामबाबू और उनका परिवार बेहद गरीब है। पिता और ताऊ दोनों राजमिस्त्री और मजदूरी का काम करके जैसे-तैसे घर चलाते हैं। परिवार के पास महज एक बीघा जमीन है और हालात इतने खराब रहे हैं कि जिस दिन मजदूरी मिलती थी, उसी दिन राशन का आटा आता था और घर का चूल्हा जल पाता था। परिवार ने उसे सुधारने के लिए कई बार सामाजिक स्तर पर सरपंच से भी गुहार लगाई थी, लेकिन विष्णु पर किसी की समझाइश का कोई असर नहीं हुआ।
जेल के भीतर तैयार हुआ बड़े गैंगस्टरों का नेटवर्क
साल 2023 में जब विष्णु को चोरी के मामलों में गिरफ्तार कर सेवर जेल भेजा गया, तो वहां उसकी मुलाकात कृपाल जघीना गैंग के शातिर गुर्गों से हुई। यहीं से उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई और वह गैंग का सक्रिय सदस्य बन गया। जेल से बाहर आने के बाद इसी गैंग ने उसकी जमानत कराई और उसके रहने-खाने का खर्च उठाया। जांच में सामने आया है कि इसके बाद वह मशहूर कुलदीप जघीना हत्याकांड में भी शामिल रहा, जहां बस के भीतर पहली गोली उसी ने चलाई थी। इसके बाद मई 2024 में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर से ही मोबाइल के जरिए विरोधी गैंग के खात्मे की साजिश रची गई और अब वह जगन गुर्जर की जेल के भीतर हुई हत्या का मुख्य चेहरा बनकर सामने आया है।

राशिफल 05 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जश्न की एक गोली बनी मौत की वजह, कोर्ट ने BJP विधायक को सुनाई सजा
गुजरात से पीएम मोदी का संदेश, सेमीकंडक्टर सेक्टर में भारत की तेज प्रगति का दावा
शिक्षिका की मौत मामले में नया मोड़, सुसाइड नोट के बाद वकील पर कार्रवाई
बिहार में त्वरित न्याय के लिए सरकार का बड़ा फैसला, सम्राट चौधरी ने किया ऐलान
जमीन विवाद में गर्भवती महिला पर हमला, 6 माह के जुड़वा शिशुओं की मौत