छात्रों की मौतों पर बढ़ी सख्ती, हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
हरियाणा। मानवाधिकार आयोग ने कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में छात्रों द्वारा आत्महत्या करने और जान देने की कोशिश के बढ़ते मामलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर मानते हुए संस्थान के प्रशासन, जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से जवाब तलब किया है।
NIT कुरुक्षेत्र में छात्रों की मौतों पर मानवाधिकार आयोग सख्त: रिपोर्ट तलब
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने संस्थान में हो रही लगातार दुखद घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आयोग का मानना है कि छात्रों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संस्थान की मौजूदा व्यवस्था में बड़ी खामियां हैं।
हालिया घटनाओं का सिलसिला
संस्थान में पिछले कुछ महीनों के भीतर कई ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने सबको झकझोर कर रख दिया है:
- 18 अप्रैल: प्रथम वर्ष के एक छात्र ने हॉस्टल की पांचवीं मंजिल से छलांग लगाकर जान देने की कोशिश की।
- 16 अप्रैल: द्वितीय वर्ष के एक छात्र का शव उसके कमरे में मिला।
- फरवरी-मार्च: इन दो महीनों के दौरान भी दो छात्रों की मौत के मामले सामने आए थे।
संस्थान की कार्रवाई पर असंतोष
आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा अब तक उठाए गए कदम, जैसे कि दो प्रोफेसरों का तबादला करना, नाकाफी हैं। आयोग के अनुसार:
- मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी: यह स्थिति दर्शाती है कि कैंपस में काउंसलिंग और संकट प्रबंधन की उचित व्यवस्था नहीं है।
- प्रशासनिक जिम्मेदारी: शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व केवल पढ़ाई कराना ही नहीं, बल्कि छात्रों के जीवन की रक्षा करना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना भी है।
इन अधिकारियों से मांगा गया जवाब
आयोग ने मामले की तह तक जाने के लिए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है:
- NIT निदेशक: उन्हें आत्महत्या की परिस्थितियों, उपलब्ध कराई जा रही काउंसलिंग सेवाओं, सुरक्षा प्रबंधों और अचानक हॉस्टल खाली कराने के फैसलों पर स्पष्टीकरण देना होगा।
- DC और SP कुरुक्षेत्र: जिला प्रशासन और पुलिस से अब तक की गई जांच और सुरक्षा के लिए उठाए गए प्रशासनिक कदमों की जानकारी मांगी गई है।
सुनवाई की तारीख
असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के मुताबिक, आयोग इस मामले पर 19 मई 2026 को अगली सुनवाई करेगा। सभी संबंधित अधिकारियों को इस तारीख से एक सप्ताह पहले अपनी विस्तृत रिपोर्ट आयोग के कार्यालय में जमा करनी होगी।

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