नाबालिग से दुष्कर्म केस में थानेदार को कठोर सजा, जुर्माना भी लगा
दौसा। जिले की पॉक्सो कोर्ट ने चार वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में राजस्थान पुलिस के बर्खास्त सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जिसे पीड़िता को दिया जाएगा। साथ ही पीड़िता को तीन लाख रुपये प्रतिकर राशि देने की सिफारिश की गई है।
जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2023 का यह मामला राहुवास थाना क्षेत्र से जुड़ा है। उस समय सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव चुनाव ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने चार वर्षीय बच्ची को टॉफी देने का लालच देकर अपने कमरे में बुलाया और फिर उससे दुष्कर्म किया। घटना सामने आने पर पूरे राजस्थान में हड़कंप मच गया था।
पीड़िता और उसके परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और आरोपी सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस महकमे ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त भी कर दिया। मामले की जांच तेजी से पूरी की गई और पॉक्सो एक्ट के तहत कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई। सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से आरोपी के खिलाफ 33 गवाह और 46 दस्तावेजी सबूत पेश किए गए। पॉक्सो कोर्ट की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने गवाहों के बयानों और उपलब्ध सबूतों पर गौर करते हुए सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव को दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के बाद सब इंस्पेक्टर भूपेन्द्र सिंह यादव ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करेंगे। वहीं, पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार सैनी ने मामले को दिल दहला देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी द्वारा ही छोटी बच्ची के साथ इस तरह की घटना अत्यंत गंभीर है।

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