नागौर। जिले के मेड़ता शहर में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 30 वर्षीय विधवा संगीता सोनी, जो तनिष्का ब्यूटी पार्लर में काम करती थी, 23 मार्च 2026 को दोपहर करीब 12 बजे घर से ब्यूटी पार्लर जाने के लिए निकली। शाम 5 बजे तक वापस न लौटने पर परिजनों ने पार्लर पहुंचकर पूछताछ की। वहां बताया गया कि संगीता दोपहर 12.30 बजे ही घर चली गई थी। इसके बाद परिवार ने आसपास और रिश्तेदारों में खोजबीन की, लेकिन संगीता का कोई अता-पता नहीं चला।

पीड़ित परिवार का आरोप थाने में  नहीं हो रही सुनवाई

24 मार्च को संगीता के भाई सदीप पुत्र गोविंदराम (उम्र 26 वर्ष), निवासी दामावतो का मोहल्ला, मेड़ता सिटी ने मेड़ता सिटी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया गया कि संगीता पहले शादीशुदा थी, पति की मौत के बाद एक बेटे के साथ अपनी मां के पास रह रही थी और ब्यूटी पार्लर में नौकरी कर परिवार का सहारा बन रही थी। पुलिस ने एमपीआर दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।

'आप ही मेरे भगवान हो, मेरी बेटी को ढूंढकर मुझे मिलवा दो'

5 दिन बीत जाने के बाद भी बेटी न मिलने से परेशान बुजुर्ग मां ने न्याय की गुहार लगाई। जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा पादुकंला थाने का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। वहां रोती-बिलखती बुजुर्ग महिला ने एसपी साहब के पैर पकड़ लिए और कहा, '5 दिन हो गए थाने में चक्कर काटते हुए, कहीं न्याय नहीं मिल रहा। अब आप ही मेरे भगवान हो, मेरी बेटी को ढूंढकर मुझे मिलवा दो।'

SP ने दिया विशेष टीम बनाने का आदेश

पीड़िता की इस दर्द भरी अपील को जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत मेड़ता वार्ता अधिकारी रामकरण मलिंदा को निर्देश दिए कि विशेष टीम गठित कर संगीता की तलाश की जाए और पीड़ित परिवार को जल्द न्याय दिलाया जाए। एसपी ने सख्त हिदायत दी कि गुमशुदगी के मामले में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

परिवार की एकमात्र सहारा थी गुमशुदा

परिवार का कहना है कि संगीता अपनी मां और बेटे का एकमात्र सहारा थी। उसकी गुमशुदगी से पूरा घर सूना पड़ गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साधनों से जांच तेज कर रही है।