शहीदों को याद करने का मौका, लेकिन आम लोग नहीं पहुंचे
पटना। राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल के सवेरा उत्सव हॉल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘एक शाम शहीदों के नाम’ में प्रशासनिक विफलता सामने आई है। कार्यक्रम को लेकर मंच सजा दिया गया, पूरे हॉल में लगभग तीन सौ कुर्सियां और अतिथियों के लिए सोफा लगाया गया, लेकिन कुर्सियां लोगों का इंतजार करती रह गईं।
प्रस्तुति पर नहीं बजी तालियां
कार्यक्रम में दूरदर्शन के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति दी, लेकिन तालियों की गूंज सुनाई नहीं दी। अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया समेत कई प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। बाढ़ की प्रखंड विकास पदाधिकारी ने मोर्चा संभाला, लेकिन हैरत की बात तब हुई जब दीप प्रज्वलन के समय सभी मंच पर चले गए और हॉल की अधिकांश कुर्सियां खाली रह गईं।
भीड़भाड़ वाले इलाके में था कार्यक्रम
कार्यक्रम में मुश्किल से बीस लोग ही शामिल थे, जिनमें तीन से चार आम लोग थे, जबकि बाकी अनुमंडल के कर्मी मौजूद थे। जबकि कार्यक्रम स्थल भीड़भाड़ वाले इलाके में स्थित है।
कई दिनों से की जा रही थी तैयारी
बताया जा रहा है कि कार्यक्रम को लेकर भव्य तैयारी अनुमंडल प्रशासन और बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा कई दिनों से की जा रही थी, लेकिन इस संबंध में कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई, जिसके कारण जानकारी के अभाव में लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। यह कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन और लोगों के बीच तालमेल की स्थिति को भी दर्शाता है। वहीं, इस कार्यक्रम स्थल से लगभग पचास मीटर दूर रामनवमी को लेकर तैयारियां की जा रही थीं, जहां अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली।

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