उदयपुर। जिले में स्थित ईडाणा माता मंदिर अपनी अनोखी और रहस्यमयी परंपरा के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहां माता स्वयं अग्नि स्नान करती हैं। इस विहंगम दृश्य को देखकर हर कोई माता के आगे अपना सिर झुका लेता है और सुख-समृद्धि की कामना करता है। नवरात्रि के समय माता का यह अद्भुत अग्नि स्नान लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि यहां मंदिर परिसर में अचानक आग लग जाती है और कुछ समय बाद अपने आप शांत भी हो जाती है। हैरानी की बात यह है कि आग की लपटें इतनी तेज होती हैं कि उन्हें कई किलोमीटर दूर से भी देखा जा सकता है।
 
आग लगते ही उमड़ पड़ते हैं भक्त

जब भी मंदिर में यह अग्नि प्रकट होती है, आसपास के गांवों और दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच जाते हैं। पूरे मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन जाता है और भक्त माता के जयकारे लगाते हैं। स्थानीय मान्यता है कि जब माता प्रसन्न होती हैं, तब ही अग्नि स्नान करती हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आग कैसे लगती है और इसका कोई निश्चित समय भी तय नहीं है।

आग से पहले उतार लिए जाते हैं आभूषण

मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि जैसे ही आग की हल्की लपटें दिखाई देती हैं, पुजारी तुरंत माता के आभूषण और शृंगार उतार लेते हैं। जब आग शांत हो जाती है, तब फिर से माता का शृंगार किया जाता है।