नीमच। शहर व अंचल में महिलाओं ने दशा माता का व्रत रखकर  घर-परिवार की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और आरोग्यता की कामना के साथ पीपल  वृक्ष की पूजा-अर्चना की। सुहागन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर  दशा माता का पूजन करने  पीपल  वृक्ष पर पहुंची जहां उन्होंने पीपल की परिक्रमा कर धागा बांधा और दशा माता की कथा  कच्चे सूत का डोरा गले में बांध कर सुनी। पीपल की  परिक्रमा कर  वृक्ष पर सूत लपेटा । वापस घर पहुंच कर घर के बाहर  हल्दी-कुमकुम के छापे  लगाए । उल्लेखनीय कि सुहागन महिलाएं घर-परिवार की दशा-दिशा सुधारने, सुख-समृद्धि, शांति, सौभाग्य, आरोग्यता और अन्न-धन की प्राप्ति के लिए दशा माता से प्रार्थना करती है।  अंचल के मंदिरों, बगीचों और सड़क किनारे स्थित पीपल के वृक्षों पर पूजा-अर्चना के लिए महिलाएं सुबह से शाम तक एकत्रित होकर पीपल की पूजा व परिक्रमा करती रही। जिले के जावद नगर, रतनगढ़, सिंगोली, जावद, मोरवन, डीकेन, हरवार, नयागांव, सरवानिया महाराज और धारड़ी, ढाकनी आदि  में महिलाओं ने दशा माता और पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना की।