बीजेपी का पोस्टर अटैक, राहुल गांधी पर गंभीर आरोप
दिल्ली|भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने दिल्ली ऑफिस के बाहर बड़े पोस्टर लगाए हैं, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तुलना 2020 के दिल्ली दंगों के जेल में बंद आरोपी उमर खालिद से की गई है. यह पोस्टर BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता R.P. सिंह ने लगाए हैं|दरअसल, यह पोस्टर दिल्ली में हुए AI Impact Summit के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के विरोध में लगाए गए हैं. भाजपा ने राहुल गांधी को ही AI Impact Summit के दौरान हुए प्रदर्शन का जिम्मेदार ठहराया है और 2020 के दंगे में शामिल आरोपी उमर खालिद से तुलना की है. पोस्टर में लिखा, एक अराजक तरीका, देशद्रोहियों के अलग-अलग चेहरे. यानी पोस्टर के माध्यम से भाजपा कहना चाह रही है कि अराजकता का तरीका केवल एक है, बस देश विरोधी चेहरे बदलते रहते हैं|
पोस्टर में क्या?
पोस्टर में एक तरफ 2020 के दिल्ली दंगे के मुख्य उमर खालिद की फोटो लगी है, जिसमें उसे सीएए के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दिखाया गया है, तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं, जिन्हें शर्टलेस कार्यकर्ताओं की तस्वीरों के साथ दिखाया गया है, जो एआई समिट का विरोध कर रहे हैं. हालांकि, दिल्ली भाजपा कार्यालय के बाद पोस्टर लगने के बाद कांग्रेस के बड़े नेताओं का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है|
क्या है शर्टलेस प्रदर्शन विवाद?
दिल्ली के भारत मंडपम में AI Impact Summit के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया था. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु चिब समेत कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. भानु चिब को पटियाला कोर्ट ने मंगलवार को 4 दिनों की रिमांड पर भेज दिया है. भाजपा ने पोस्टर के माध्यम से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को घेरने का प्रयास किया है|

बाद में उसकी मृत्यु हो गई, जिससे परिवार में गहरा दुख
यात्रियों के लिए आसान हुआ सफर, अंबिकापुर से दो बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान
टेनिस कोर्ट से सियासत तक: लिएंडर पेस बीजेपी में शामिल
डॉक्टरों के लिए यह मामला हैरान करने वाला रहा
बाबा विश्वनाथ की शरण में एमपी-यूपी बैठक, सीएम मोहन यादव ने किया प्रबंधन का अवलोकन
बंगाल चुनाव 2026: भवानीपुर बनी सेंटर ऑफ अट्रैक्शन, बीजेपी ने बनाई रणनीति
IPL 2026 में पहले मैच से ही चुनौती, चेन्नई की टीम पर सवाल
नक्सल समस्या पर जीत के बाद, चुनाव में सरेंडर नक्सलियों की भागीदारी पर टिप्पणी
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ व्यावसायिक उपयोगकर्ता भी प्रभावित